11:03 AM, 06-Feb-2026
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित
लोकसभा में बजट सत्र के 8वें दिन भी हंगामे का सिलसिला जारी रहा। सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी दलों के हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला ने नाराजगी जताई और कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी सांसदों का दायित्व है। हालांकि, उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ और हंगामा, नारेबाजी और लोकसभा के वेल में घुसे सांसदों के कारण उपजी अव्यवस्था के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में कार्यवाही जारी है।
07:42 AM, 06-Feb-2026
Parliament Budget Session LIVE: लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा, स्पीकर ओम बिरला ने जताई नाराजगी
आज संसद के बजट सत्र का आठवां दिन है। विपक्षी दलों और सरकार के बीच गतिरोध बरकरार रहने के कारण लोकसभा की कार्यवाही बीते चार दिनों से हंगामे की भेंट चढ़ रही है। गुरुवार को प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया। पीएम मोदी ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया और कहा कि कांग्रेस जैसी पार्टी को
संविधान शब्द बोलने का भी अधिकार नहीं है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देने के लिए पीएम मोदी को लोकसभा में चार अप्रैल की शाम पांच बजे से भाषण देना था, लेकिन, विपक्ष के हंगामे के कारण
पीएम मोदी का भाषण टल गया। रिपोर्ट्स में ये अनुमान भी लगाया जा रहा है कि लोकसभा में गतिरोध नहीं थमने पर सरकार पीएम मोदी के भाषण के बगैर ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराने का प्रयास कर सकती है।
ये भी पढ़ें- Rahul-Naravane Book Row: संसद परिसर में बोले राहुल- पीएम लोकसभा में आएंगे तो किताब भेंट करूंगा, प्रति भी दिखाई
लोकसभा में टला पीएम मोदी का भाषण
इससे पहले छठे दिन की कार्यवाही के दौरान
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रही। यहां जेपी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष खरगे, बिहार से निर्वाचित राजद सांसद मनोज झा,
तमिलनाडु के सांसद कमल हासन आदि ने अपनी बातें रखीं। गौरतलब है कि लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने इस विषय पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय निर्धारित किया था। राज्यसभा में 16 घंटे चर्चा होनी थी। इसके बाद दोनों सदनों में पीएम मोदी को चर्चा का जवाब देना था।
ये भी पढ़ें- ओम बिरला को राहुल गांधी ने लिखा पत्र: सरकार के इशारे पर आपने बोलने से रोका, यह लोकतंत्र पर काला धब्बा
आठ सांसदों पर निलंबन की गाज
हालांकि, गत दो फरवरी को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जब इस चर्चा में भाग लेते समय अपना वक्तव्य एक
मैगजीन में छपे पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की कथित किताब के अंशों से शुरू किया तो इस पर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पूरे सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। स्पीकर ओम बिरला ने भी राहुल के उद्धरण को नियम विरुद्ध बताया। इसके बाद से लोकसभा में गतिरोध बना हुआ है। हंगामे और संसदीय मर्यादा को तार-तार करने वाले
आठ सांसदों को पूरे सत्र से निलंबित कर दिया गया है। तीन फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे निलंबित किए गए सांसदों में सात कांग्रेस और एक सीपीएम के हैं।