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शिवसेना UBT में दरार: उद्धव खेमे में बगावत के बीच दिल्ली में संसदीय दल की बैठक, सभी सांसदों की एकजुटता पर संशय

न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: Jyoti Bhaskar Updated Thu, 18 Jun 2026 12:34 PM IST
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खास बातें

शिवसेना UBT में दरार LIVE News Updates: पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खेमे में बगावत के बीच दिल्ली में शिवसेना यूबीटी के संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है। उद्धव ठाकरे के साथ मौजूद सांसदों की संख्या और एकजुटता पर संशय बरकरार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली की बैठक में केवल तीन सांसद ही पहुंचे हैं। महाराष्ट्र में इस बड़े सियासी उथल-पुथल से जुड़े तमाम अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में जानिए

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शिवसेना यूबीटी में दरार - फोटो : एजेंसी / अमर उजाला ग्राफिक्स
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लाइव अपडेट

12:32 PM, 18-Jun-2026

उद्धव को असली झटका जून 2022 में कैसे?

शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

बीएमसी में भी टूटा वर्चस्व
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) पर 30 साल का वर्चस्व भी इस साल जनवरी में हुए चुनाव में टूट गया। अभी एकनाथ शिंदे की बगावत के 4 साल भी पूरे नहीं हुए कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसद उद्धव से अलग होग नया गुट बना लिया है।
12:15 PM, 18-Jun-2026

बाल ठाकरे के समय एक बार, उद्धव के कार्यकाल में चार बार टूट चुकी शिवसेना

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। 1966 में शिवसेना के संस्थापक प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने संगठन को मजबूत जनाधार दिया, लेकिन पार्टी में कई बार बड़े विभाजन भी हुए। बाल ठाकरे के समय में जहां शिवसेना में एक बड़ी टूट दर्ज हुई, वहीं उद्धव के नेतृत्व में पार्टी को कई बड़े झटके झेलने पड़े। ताजा मामला शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों का विद्रोह है जिससे ठाकरे ब्रांड की साख को एक बार फिर बट्टा लगा हैं।
12:05 PM, 18-Jun-2026

संजय राउत ने बागियों को गाली दी, मामला बढ़ा तो सफाई दी

संजय राउत, शिवसेना यूबीटी के नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सांसदों की बगावत पर भड़के संजय राउत ने उनके लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और गाली-गलौज की। उन्होंने मीडिया से यहां तक कहा कि मेरे बयान को काटना मत, ऐसे ही चलाना। पर उनकी भाषा पर विवाद बढ़ा तो राउत ने बचाव करते हुए कहा, यह कोई गाली-गलौज नहीं है। मराठी व महाराष्ट्र में ऐसी ही भाषा बोली जाती है। यह हमारी आम भाषा है। सामने वाले को जो भाषा समझ आए, उसमें बात करनी चाहिए। मुझे अच्छी तरह पता है कि कब और किस भाषा का इस्तेमाल करना है।

ये भी पढ़ें- Shiv Sena Crisis Live: संजय राउत का दावा- सांसदों को पार्टी बदलने के लिए दिए 15 करोड़; सांसदों को नोटिस जारी
11:35 AM, 18-Jun-2026

बागी लोकसभा सांसदों में किनके नाम?

शिवसेना यूबीटी से किन सांसदों का मोहभंग हुआ - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
शिवसेना यूबीटी की बैठक से इतर बागी सांसदों का गुट भी दिल्ली में ही है। आज स्पीकर से मुलाकात होने की संभावना है। माना जा रहा है कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से होने वाली इस मुलाकात के बाद शिवसेना यूबीटी में बीते चार साल में दूसरी बार टूट पर आधिकारिक मुहर लग जाएगी। बागी सांसदों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को अपना नेता मान लिया है। स्पीकर को पत्र लिखने वाले शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों में संजय जाधव, संजय देशमुख, संजय दीना पाटिल, भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश राजे निंबालकर और नागेश पाटिल शामिल हैं।
11:11 AM, 18-Jun-2026

शिवसेना UBT में दरार: उद्धव खेमे में बगावत के बीच दिल्ली में संसदीय दल की बैठक, सभी सांसदों की एकजुटता पर संशय

महाराष्ट्र के  पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खेमे में बगावत के बीच दिल्ली में शिवसेना यूबीटी के संसदीय दल की बैठक बुलाई गई है। उद्धव ठाकरे के साथ मौजूद सांसदों की संख्या और एकजुटता पर संशय बरकरार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली की बैठक में केवल तीन सांसद ही पहुंचे हैं। छह सांसदों के पाला बदलने की खबर है। आज की बैठक में अनिल देसाई, अरविंद सावंत और संजय राउत पहुंचे हैं। दोनों पक्षों की तरफ से बयानबाजी का सिलसिला भी लगातार जारी है।

अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग, लोकसभा स्पीकर को सौंपा पत्र
दरअसल, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के बाद महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) में टूट पक्की हो गई है। पार्टी के नौ में से छह सांसदों ने बगावत करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर अलग समूह के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है।
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