11:03 AM, 04-Sep-2026
कबीर और संजय को बचाव दल ने सुरंग सुरक्षित निकाला
नेपाल में भीषण भोटेकोशी बाढ़ के 10वें दिन बचाव दल ने त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बाहर निकाल लिया। उनकी पहचान 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह के रूप में हुई है। महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर और साह फोरमैन के तौर पर काम कर रहे थे। नेपाल सेना के नेतृत्व में विशेष उपकरणों के साथ लगातार खोज अभियान चलाया जा रहा था। इससे पहले बचावकर्मियों ने सुरंग के भीतर से आवाजें सुनकर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया था। दोनों के जिंदा मिलने से बचाव अभियान को बड़ी सफलता मिली है।
11:02 AM, 04-Sep-2026
रासुवा-नुवाकोट में करीब 600 बच्चे लापता
तबाही का दायरा और गंभीर होता जा रहा है। रासुवा और नुवाकोट जिलों में करीब 600 बच्चे अब भी लापता हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1282 हो गई है, जबकि अलग-अलग इलाकों से 4798 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के बाद आई थी।
रासुवा में करीब 280 बच्चों के लापता होने की जानकारी है, जबकि नुवाकोट में 300 से 350 बच्चे अब भी नहीं मिले हैं। अकेले बिदुर नगरपालिका में करीब 250 बच्चे लापता हैं। स्थानीय शिक्षा अधिकारियों के अनुसार, संचार व्यवस्था टूटने के कारण सही आंकड़े जुटाने में मुश्किल आ रही है और नए लापता बच्चों की जानकारी लगातार मिल रही है। इस आपदा में दोनों जिलों के 22 शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी लापता हैं। रासुवा के 16 और नुवाकोट के छह शिक्षक इनमें शामिल हैं। बाढ़ से रासुवा, नुवाकोट और धादिंग के 22 स्कूल प्रभावित हुए हैं, जिनमें 12 पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
09:34 AM, 04-Sep-2026
भारत ने राहत सामग्री की नई खेप भेजी, 21.5 टन सामान लेकर पहुंचे दो C-130J विमान
- भारत ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत सामग्री की नई खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 21.5 टन राहत सामग्री लेकर भारतीय वायुसेना के दो सी-130J विमान काठमांडो पहुंच गए हैं। इस खेप में जरूरी राहत सामान के साथ फोरेंसिक किट और मेडिकल सप्लाई भी शामिल हैं।
- नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। भारत लगातार नेपाल के साथ समन्वय कर राहत सामग्री और जरूरी सहायता पहुंचा रहा है। नई खेप के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ शवों की पहचान की प्रक्रिया में भी मदद मिलेगी।
09:28 AM, 04-Sep-2026
पीड़ितों के शवों की पहचान की प्रक्रिया पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में भारतीय दूतावास ने 26 अगस्त की बाढ़ के पीड़ितों के शवों की पहचान की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी पहले ही साझा की थी। इसी प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने भारत में डीएनए प्रोफाइलिंग की सुविधा देने का फैसला किया है। नेपाल पुलिस की सलाह के अनुसार पहचान के लिए ऑटोसोमल एसटीआर डीएनए प्रोफाइलिंग कराई जा सकती है, हालांकि इसके लिए नेपाल की ओर से बताए गए तकनीकी मानकों का पालन करना होगा। इस संबंध में हेल्पलाइन नंबर +977 9841 6160 95 जारी किया गया है। तैयार डीएनए प्रोफाइल और नेपाल पुलिस द्वारा मांगी गई शुरुआती जानकारी ईमेल dnacodis@nepalpolice.gov.np पर भेजी जा सकती है। समन्वय के लिए इसकी एक प्रति भारतीय दूतावास के ईमेल eoikathmandufloodsupport@gmail.com पर भी भेजी जा सकती है। यह बाढ़ नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से शुरू हुई थी, जिसने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहरों और गांवों में भारी तबाही मचाई।
09:19 AM, 04-Sep-2026
नेपाल बाढ़ के ताजा अपडेट: 1282 पहुंचा मौत का आंकड़ा, 600 बच्चे लापता; 10 दिन बाद सुरंग से आई जिंदगी की खबर
बाढ़ के बाद लापता लोगों की पहचान में मदद के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत में रह रहे लापता लोगों के प्रथम श्रेणी के जैविक रिश्तेदारों का डीएनए प्रोफाइल तैयार कराया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय और राज्य स्तर की फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के साथ राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय और डीएनए प्रोफाइलिंग की सुविधा वाली एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रथम श्रेणी के रिश्तेदारों में पिता, मां, बेटा, बेटी या भाई-बहन के जैविक नमूने लिए जा सकेंगे। यह व्यवस्था नेपाल में मिले अज्ञात शवों की पहचान की प्रक्रिया को तेज करने के लिए की गई है। नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,259 हो गई है, जबकि 12 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है और करीब 5,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।