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Jabalpur: चपरासी के पद कार्यरत थे पिता, गरीब न मानते हुए अनुकंपा नियुक्ति देने से इंकार, कोर्ट ने थमाया नोटिस
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 22 May 2024 08:54 AM IST
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सार
चपरासी के पद में कार्यरत कर्मचारी की मौत के बाद बेटे को अनुकंपा नियुक्ति देने से इस आधार पर इंकार कर दिया गया कि उनका परिवार गरीब नहीं है। जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी।
अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सेंट्रल बैंक को अनुकंपा नियुक्ति के मामले में नोटिस भेजा है। मामला चपरासी पद पर कार्यरत कर्मचारी की मौत के बाद उसके बेटे को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई। कारण बताया गया कि उनका परिवार गरीब नहीं है। अब कोर्ट ने जवाब तलब किया है।
सिवनी निवासी याचिकाकर्ता रविकांत कौशल की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनके पिता मंगल राम कौशल सेंट्रल बैंक में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु दिसम्बर 2022 में नौकरी में रहने के दौरान हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद उसने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। बैंक अधिकारियों ने उनके आवेदन को इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका परिवार गरीब नहीं है।
याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ को बताया गया कि बैंक में विद्यमान अनुकंपा नियुक्ति स्क्रीन में चपरासी पद पर कार्यरत कर्मचारी की मौत होने पर अनुकंपा नियुक्ति देने का विशेष प्रावधान है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने सेंट्रल बैंक के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता नर्मदा चौधरी ने पैरवी की।
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सिवनी निवासी याचिकाकर्ता रविकांत कौशल की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनके पिता मंगल राम कौशल सेंट्रल बैंक में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु दिसम्बर 2022 में नौकरी में रहने के दौरान हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद उसने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। बैंक अधिकारियों ने उनके आवेदन को इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उनका परिवार गरीब नहीं है।
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याचिका की सुनवाई के दौरान एकलपीठ को बताया गया कि बैंक में विद्यमान अनुकंपा नियुक्ति स्क्रीन में चपरासी पद पर कार्यरत कर्मचारी की मौत होने पर अनुकंपा नियुक्ति देने का विशेष प्रावधान है। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने सेंट्रल बैंक के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता नर्मदा चौधरी ने पैरवी की।

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