विज्ञापन
विज्ञापन
गंभीर से गंभीर परेशानी होगी दूर,ललिता देवी शक्तिपीठ-नैमिषारण्य पर कराएं ललिता सहस्रनाम पाठ, मात्र रु:51/- में,अभी बुक करें
Myjyotish

गंभीर से गंभीर परेशानी होगी दूर,ललिता देवी शक्तिपीठ-नैमिषारण्य पर कराएं ललिता सहस्रनाम पाठ, मात्र रु:51/- में,अभी बुक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

रतलाम में भीषण आग: कई किलोमीटर में फैला धुआं, पेट्रोल पंप पास होने से घरों को कराया गया खाली

बड़ी खबर मध्यप्रदेश के रतलाम से आ रही है। शहर के विरियाखेड़ी क्षेत्र के मोहन नगर में पेट्रोल पंप के पीछे भीषण आग लग गई। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर आग बुझाने लगी। हालांकि, इस दौरान बचाव कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। जानकारी के मुताबिक, प्लास्टिक पाइप के गोदाम में भीषण आग लगी है। आग का धुआं शहर में तीन से चार किलोमीटर दूर तक फैल गया है। सुरक्षा की दृष्टि से आसपास के घर को खाली करवा लिया गया है।  वहीं, पेट्रोल पंप को खाली करवाकर बंद कर दिया गया है। 



आग लगने के बाद गोदाम के पास भारी भीड़ जुट गई थी। अफरा तफरी का माहौल मच गया। पुलिस ने तत्काल सभी को वहां से हटाया। गोदाम के पास स्थित पेट्रोल पंप और रिहायशी इलाके तक आग नहीं फैले, इसके लिए प्रशासन और दमकल कर्मी दो घंटे तक आग बुझाने में लगे रहे। रिहायशी इलाका होने की वजह से आग बुझाने में दमकल टीम को खासी मशक्कत भी करनी पड़ी। फिलहाल, आग कैसे लगी इस बारे में कुछ भी  पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

हालांकि जिस पाइप गोदाम में आग लगी है उसके बारे में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जिस कॉलोनी में गोदाम बना है वह अवैध है और गोदाम की भी अनुमति नहीं ली गई है। नगर निगम अब बाउंड्रीवॉल तोडऩे की बात कह रहा है। गोदाम संचालक पर केस दर्ज भी करवाने की बात कही जा रही है।

किसी ने जलाया कचरा तो गोदाम तक पहुंची चिंगारी
आग लगने के कारण कचरा जलाना बताया जा रहा है। दरअसल जिस गोदाम में लगी वहां प्लास्टिक के पाइप बनते हैं। घटना के वक्त भी बड़ी मात्रा में पाइप रखे हुए थे। गोदाम के पास ही कचरे का ढेर लगा है। किसी ने इस कचरे में आग लगा दी और इसकी चिंगारी गोदाम तक जा पहुंची। शुरुआत में तो कुछ नहीं हुआ लेकिन कुछ ही देर में आग ने प्लास्टिक को अपनी जद में लिया और बेकाबू हो गई। मौके पर पुलिस और निगम के अधिकारी पहुंचे।

दस फायर लॉरियों से बुझाई आग
आग बुझाना आसान नहीं था, लिहाजा इसके लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नगर निगम ने दस फायर लॉरी भेजी। इनमें फोम की लॉरियां भी थीं। इनकी मदद से आग बुझाई गई।  आग लगते ही अफरा तफरी मच गई थी। जब प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तो सबसे पहले गोदाम के पास के घरों को खाली करवाया। खासतौर से घरों में रखे गैस सिलेंडरों को हटवाया क्योंकि इससे आग फैलने का खतरा था। जो बाइक रखी थी उनकी बैटरियां निकलवाई। बड़े हादसे की आशंका को देख सामने स्थित पेट्रोल पंप को भी बंद करवाया।
... और पढ़ें

अनोखी परंपरा: दशहरे पर दशानन की होती है पूजा, प्रतिमा के सामने घूंघट में पहुंचती हैं महिलाएं

देशभर में दशहरा पर रावण दहन या रावन वध की परंपरा है, लेकिन कुछ जगहों पर इस दिन रावण की पूजा करने की भी मान्यता है। मध्यप्रदेश के मंदसौर में रावण की पूजा करने की परंपरा है। मंदसौर के पास रावणग्राम में रावण की पहले पूजा की जाती है, यहां रावण वध या दहन को लेकर कई मान्यताएं हैं। यहां के निवासी रावण को दामाद मानते हैं।

मान्यता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी मंदसौर की रहने वाली थीं। प्राचीन समय में मंदसौर का नाम मंदोत्तरी हुआ करता था, इसीलिए मंदसौर रावण की ससुराल है। मंदसौर में नामदेव समाज की महिलाएं आज भी रावण की प्रतिमा के सामने घूंघट करती हैं। महिलाएं रावण के पैरों पर लच्छा (धागा) बांधती हैं। मान्यता है कि धागा बांधने से बीमारियां दूर होती हैं। यहां दशहरे के दिन रावण की पूजा की जाती है। हर साल दशहरे पर रावण के पूजन का आयोजन मंदसौर के नामदेव समाज द्वारा किया जाता है।

रावण की प्रतिमा पर गधे का सिर
नामदेव समाज के लोगों के अनुसार खानपुरा में करीब 200 साल से भी पुरानी रावण की प्रतिमा लगी हुई थी। 2006-07 में आकाशीय बिजली गिरने से यह प्रतिमा खंडित हो गई। उसके बाद नगर पालिका ने रावण की दूसरी प्रतिमा की स्थापना कराई। हर साल नगर पालिका प्रतिमा का रखरखाव कराती है। रावण की प्रतिमा पर 4-4 सिर दोनों तरफ व एक मुख्य सिर है। मुख्य सिर के ऊपर गधे का एक सिर है। बुजुर्गों की मांने तो रावण की बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी, उसके इसी अवगुण को दर्शाने के लिए प्रतिमा पर गधे का भी एक सिर लगाया गया है।

इंदौर के परदेशीपुरा में है रावण का मंदिर
इंदौर के परदेशीपुरा में रावण का मंदिर है। यहां लोग मन्नत का धागा भी बांधते हैं। यह मंदिर महेश गौहर ने 2010 में बनवाया था। तब उनके पड़ोसियों ने भी उनके इस मंदिर को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन धीरे-धीरे अब लोगों का मंदिर पर विश्वास बढ़ता जा रहा है। लोग आरती में शामिल होते हैं।
... और पढ़ें

भोपाल: मदद के बहाने लड़की को घर बुलाया, कमरे में बंद कर किया सामूहिक दुष्कर्म

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक युवती से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने मदद के बहाने लड़की को पहले घर बुलाया फिर अपने तीन दोस्त के साथ मिलकर युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद मंगलवार सुबह पांच बजे थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। लड़की की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

घटना ईटखेड़ी थाना क्षेत्र के इस्लाम नगर की है।  पुलिस ने बताया कि 23 साल की लड़की के माता-पिता दिव्यांग हैं। परिवार चलाने के लिए उसके पास पैसे तक नहीं हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह काम की तलाश में मार्केट में घुमती रहती है। पिछले दिनों उसके एक परिचित ने एक व्यक्ति का फोन नंबर दिया और कहा कि इससे बात कर लेना ये तुम्हें मदद के अलावा काम भी दिलवा देगा। जिस शख्स का नंबर दिया था उसका नाम अबरार है। 

चार युवकों ने लड़की से किया दुष्कर्म
लड़की ने सोमवार शाम को उसे फोन किया। उससे कुछ मदद मांगी। जिसपर अबरार ने उसे घर आने को कह दिया। वहां पहुंचने पर बात करते हुए उसने उसे कमरे में बंद कर दिया। उसके साथ उसके तीन और दोस्त थे। पहले अबरार ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर उसके तीन दोस्तों ने भी ज्यादती की। पुलिस ने लड़की की शिकायत पर अबरार, याकूब, सारिक और रहमान पर सामूहिक दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। 
... और पढ़ें

मध्यप्रदेश: दुष्कर्म मामले में कांग्रेस विधायक का बेटा गिरफ्तार, छह महीने से फरार चल रहा था इनामी आरोपी

मध्यप्रदेश में एक महिला नेता से कथित दुष्कर्म के मामले में उज्जैन जिले के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल के फरार बेटे करण मोरवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, शादी का झांसा देकर महिला नेता से दुष्कर्म करने का आरोपी पिछले साढ़े छह महीने से फरार था और उसकी गिरफ्तारी पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।

महिला पुलिस थाने की प्रभारी ज्योति शर्मा ने पीटीआई को बताया कि करण मोरवाल (30) को इंदौर से करीब 80 किलोमीटर दूर मक्सी के पास से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि करण की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि करण के खिलाफ इंदौर के महिला थाने में दो अप्रैल को दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक मामला दर्ज कराने वाली महिला नेता का आरोप है कि विधायक के 30 वर्षीय बेटे ने शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म किया।


पिछले दिनों विधायक थाना पहुंचकर अधिकारियों से की थी बात
अधिकारियों ने बताया कि करण की तलाश कर रही पुलिस ने 19 अक्तूबर को उसके छोटे भाई शिवम को इंदौर के महिला पुलिस थाने लाकर पूछताछ की थी क्योंकि जांचकर्ताओं को लगा था कि उसे पता है कि बलात्कार का आरोपी कहां छिपा है। चश्मदीदों के मुताबिक अपने छोटे बेटे शिवम से पुलिस की पूछताछ के बीच नाटकीय घटनाक्रम के तहत उज्जैन के बड़नगर क्षेत्र के कांग्रेस विधायक मुरली मोरवाल 19 अक्तूबर को इंदौर के महिला थाने से सटे पलासिया थाने पहुंच गए थे और उन्होंने बंद कमरे में पुलिस अधिकारियों से गुप्त चर्चा की थी।

चर्चा के बाद विधायक जैसे ही पलासिया पुलिस थाने से बाहर निकले, मीडिया ने उनसे उनके बड़े बेटे करण के साढ़े छह महीने से फरार चलने के बारे में सवाल किए थे। हालांकि, वह सिर्फ इतना कहकर थाने से तुरंत रवाना हो गए थे कि उन्हें मीडिया के सामने अपना पक्ष नहीं रखना है।
... और पढ़ें
उज्जैन पुलिस उज्जैन पुलिस

सब्जीवाला चोर: दिन में ठेले पर सब्जी बेचता था और रात को करता था चोरी... पुलिस ने पकड़ा तो खुद को मारा ब्लेड

आजकल लगभग हर जगह ठेलों पर सब्जी बेची जा रही है। लोग भी घुलमिलकर इनसे सब्जी खरीदते हैं लेकिन उज्जैन की यह खबर चौंकाने वाली है। अगर आपकी कॉलोनी में कोई अनजान व्यक्ति ठेला लगाकर सब्जी बेच रहा है तो सावधान रहिएगा। ऐसा न हो कि सब्जी बेचने के बहाने आपके घर में सेंधमारी हो जाए। मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक सब्जीवाले को पुलिस ने पकड़ा है। यह शख्स दिन में सब्जी बेचता था और रात को चोरी करता था।

दरअसल उज्जैन पुलिस ने कुछ दिन पहले चोरी के आरोप में दो युवकों को पकड़ा था। उन्होंने बताया था कि उनका मुखिया शशांक उर्फ पप्पू है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। आखिर में जब पप्पू को पकड़ा तो उसने राज उगला कि कैसे वह आसानी से चोरी करता था और लोगों को पता भी नहीं चलता। इतना ही नहीं शशांक जब पुलिस के हत्थे चढ़ा तो उसने अपने ही हाथ-पैरों पर ब्लेड मार लिया। फिलहाल उसे जेल भेज दिया गया है।

सब्जी बेचते-बेचते बना लेते थे चोरी की योजना
मामला उज्जैन के चिमनगंज थाने का है। पकड़े गए आरोपी शशांक उर्फ पप्पू से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वह सब्जी बेचने का काम करता है लेकिन उसका मुख्य पेशा चोरी है। पप्पू दिन में ठेले पर सब्जी बेचने के लिए कॉलोनियों में जाता। वह छोटी कॉलोनियों के बजाय पॉश कॉलोनी में अधिक जाता क्योंकि वहां पैसे वाले लोग रहते थे। सब्जी का ठेला चलाते हुए वह नजर रखता कि किस घर में कितने दिन से ताला लगा हुआ है। 

इस दौरान उसके पास उसके दोस्त भी आ जाते थे और सब्जी बेचते-बेचते ही चोरी की योजना बन जाती। तय किया जाता कि आज रात को किस मकान में चोरी करना है। इसके बाद वारदात करके आसानी से निकल जाते। लोगों को भी शक नहीं होता क्योंकि सब्जी वाला उनकी आंखों के सामने ही रोज गुजरता और उससे सब्जी भी खरीदते थे। लेकिन, जब पुलिस ने उसके दो साथियों को पकड़ा तो पप्पू का असली चेहरा सबके सामने आया। 
... और पढ़ें

भिंड में हादसा : बैलगाड़ी के बिजली के तारों की चपेट में आने से मां-बाप और बेटी की मौत, दो लोग झुलसे

मध्यप्रदेश के भिंड में रविवार रात हुए हादसे में एक बैलगाड़ी बिजली के तारों की चपेट में आ गई। इससे बैलगाड़ी में सवार एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य झुलस गए। घटना में दोनों बैलों की भी मौत हो गई। हादसे में बैलगाड़ी चला रहे श्याम सिंह, उसकी पत्नी चिरैया और छह साल की बेटी की मौके पर मौत हो गई और श्याम सिंह की मां केताबाई (85) और एक अन्य रिश्तेदार कप्तान सिंह गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह दुखद हादसा भिंड जिले के ऊमरी इलाके में हुआ।  पुलिस के मुताबिक,

रेडक्रास ने मृतकों के परिवार को अंत्येष्टि के लिए 10-10 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता दी है। जानकारी के मुताबिक, श्याम सिंह का परिवार लोहपीटा (खानाबदोश) परिवार भिंड के अमरसिंह का पुरा जा रहा था। बैलगाड़ी पर घर का राशन पानी भी रखा था।

जमीन से चार-पांच फीट ऊपर थे बिजले के तार
इस दौरान जमीन से चार-पांच फीट ऊंचाई पर झूल रहे बिजली के 11 केवी के तार की चपेट में बैलगाड़ी के आने से यह हादसा हुआ। राहत की बात यह है कि श्याम सिंह के दो अन्य बच्चे चौपक (9) और करिश्मा (5) उस समय उनके साथ नहीं थे। ऊमरी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
... और पढ़ें

सुरक्षाकर्मी हत्या का मामला: पत्नी से थे प्रेम संबंध, इसलिए अन्नक्षेत्र प्रभारी ने रची थी हत्या की साजिश

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में तैनात  सुरक्षाकर्मी की हत्या के मामले में पुलिस ने महाकाल अन्नक्षेत्र के प्रभारी को हिरासत में लिया है। प्रेम संबंधों की वजह से हत्या की बात सामने आ रही है।

पिछले दिनों महाकाल मंदिर के समीप दिनेश मराठा (४१) नामक व्यक्ति की चाकुओं से वार कर अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। घटना उस समय हुई जब दिनेश रात को अपने घर जा रहा था। दिनेश महाकाल मंदिर में सुरक्षा एजेंसी का कर्मचारी था। इस मामले में पुलिस की उलझन बढ़ी हुई थी क्योंकि अंधेकत्ल में कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जिसमें दो लोग नजर आए। इसके बाद धरपकड़ तेज की और  संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। इस पूछताछ के बाद पुलिस मामले को सुलझाने में कामयाब  हुई।
... और पढ़ें

दुखद: संतान की चाह में दो नरबलि से हिल उठा ग्वालियर, मुख्य आरोपी ने दोनों कॉल गर्ल से बनाया था संबंध

प्रेम संबंधों के चलते उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी की हत्या हुई।
बच्चे की चाह कभी-कभी इंसान को सीरियल किलर भी बना देता है। उसे पता नहीं चलता कि कब वह हत्यारा बन गया। ग्वालियर में बच्चे के लिए एक सप्ताह में दो कॉल गर्ल को नरबलि देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं दोनों कॉल गर्ल की नरबलि देने से पहले इस वारदात का मास्टरमाइंड नीरज परमार ने शारीरिक संबंध बनाया था। इसके बाद उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई। यही नहीं, तांत्रिक भी शातिर और हाईटेक है। दोनों बलि के समय वह वीडियो कॉल पर मौजूद था। वह वहीं से तंत्र मंत्र पढ़ रहा था। नेटवर्क समस्या होने से वीडियो कॉल कट गया, जिसके बाद सामान्य कॉल कर तांत्रिक मंत्र पढ़ने लगा।

घटना के बाद नीरज परमार शव को ठिकाना लगाने के लिए ने बाइक पर लाश को लादकर गांव से बाहर की ओर से ले जा रहा, इसी दौरान शव फिसलकर नीचे गिर गया जिसके बाद मामला उजागर हुआ।  

संतान नहीं होने पर तांत्रिक ने बलि देने की सलाह दी थी
21 अक्तूबर की सुबह एक लड़की की पहचान एक कॉलेज के पास मुरैना रोड पर महिला का शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। गर्दन पर गला दबाने और कसने के निशान थे। पहचान हजीरा की रहने वाली आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्रा (40 साल) के रूप में हुई थी। पुलिस ने इस मामले में  मोतीझील की ममता, उसके पति बेटू भदौरिया, बेटू की बहन मीरा राजावत, मीरा का पुरुष दोस्त नीरज परमार और तांत्रिक गिरवर यादव को गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि ममता और बेटू को शादी के 18 साल बाद भी बच्चे नहीं हो रहे थे। तांत्रिक ने उन्हें मानव बलि देने को कहा था।

दो लड़कियों से मास्टरमाइंड ने बनाया संबंध
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि पहली बलि 13 अक्तूबर को दुर्गाष्टमी के दिन नीरू की दी थी। मास्टरमाइंड नीरज परमार ने नीरू के साथ पहले संबंध बनाया फिर उसकी हत्या की। हत्या से पहले नीरू ने शराब पी ली थी। जिस पर तांत्रिक इस बलि को खंडित बताकर दूसरी बलि का इंतजाम करने के लिए कहा था। इसके बाद उन्होंने आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्र नाम की कॉल गर्ल को पकड़ा गया, जिसके 10 हजार रुपये देकर शरद पूर्णिमा के दिन बलि दी गई। मोतीझील में बेटू भदौरिया की छत पर उसके साथ संबंध बनाए फिर गला घोंट दिया। जिस समय वह उसकी हत्या कर सिंदूर लगा रहा था, तो उस समय तांत्रिक अपने घर से मोबाइल के जरिए मंत्रों का उच्चारण कर रहा था।
... और पढ़ें

मां बनी कातिल : यूट्यूब पर देखा पानी में डूबने से कैसे होती है मौत,  फिर तीन माह की बेटी को टंकी में डूबो कर मार डाला

मां का दर्जा भगवान से भी ऊपर रखा जाता है। उसकी ममता के आगे सब फीके हैं...लेकिन जब मां ही बच्चों की कातिल बन जाए तो क्या कहेंगे। यह खबर जब आप पढ़ेंगे तो रूह कांप जाएगी। मां ने ही तीन माह की बेटी को अपने घर की छत पर बनी पानी की टंकी में डूबोकर मार डाला। नवजात को मारने से पहले मां ने यूट्यूब पर यह सर्च किया था कि पानी में डूबने से कितनी देर में मौत हो जाती है। उसकी यही सर्च पुलिस के लिए सबूत बनी और उसे सलाखों में पहुंचा दिया गया। 

यह हैरान करने वाली घटना उज्जैन जिले के खाचरौद की है। यहां तीन माह की बच्ची की हत्या के आरोप में उसकी मां स्वाति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इधर मां का दावा है कि उसने हत्या नहीं की, लेकिन पुलिस को उसके मोबाइल से मिली डिटेल के आधार पर उसी पर शक गया और उससे पूछताछ की जा रही है। 

तीसरी मंजिल पर है पानी की टंकी
घटना 12 अक्तूबर की है। खाचरौद में तीन माह की बच्ची वीरति की रहस्यमयी तरीके से मौत हो गई थी। उसका शव मकान की तीसरी मंजिल पर पानी की टंकी में मिला था। घर वाले बच्ची को घर में न पाकर घबरा गए थे। बच्ची के पानी की टंकी में गिरने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे थे। आखिर तीन माह की बच्ची तीसरी मंजिल पर पानी की टंकी में  कैसे गिर सकेगी। आखिर मामला पुलिस तक पहुंचा तो जांच शुरू की। घरवालों के बयान लिए गए। सबका शक बच्ची की मां पर गया। घटना के दिन ही करीब डेढ़ बजे दादा-दादी ने बच्ची को देखा था। इसके 20 मिनट बाद बच्ची गायब हो गई थी। हैरानी यह भी थी कि घटना के दौरान घर पर कोई आया गया भी नहीं था। मां ही छत पर गई थी। 

हत्या से इनकार करती रही, पर मोबाइल ने खोल दिया राज
बताया जा रहा है कि स्वाति का विवाह अर्पित से 2019 में हुआ था। इसी साल जुलाई माह में स्वाति ने बेटी की जन्म दिया था। मामले को सुलझाते हुए जब पुलिस के पास सारे तथ्य पहुंचे तो आरोपी स्वाति को हिरासत में लिया गया। वह हत्या से इनकार करती रही, लेकिन पुलिस ने उसका मोबाइल देखा तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। महिला ने यूट्यूब पर सर्च किया था कि पानी में डूबने से कैसे मौत होती है। किस तरफ मुंह रखा जाना चाहिए। मोबाइल में मौत के तरीके मिलने पर पुलिस का शक गहरा गया। 

दो दिन पहले यू टयूब पर किया था सर्च
स्वाति ने 10 अक्तूबर को यू टयूब पर यह सर्च  की थी कि पानी में डूबने से मौत कैसे होती है। बच्ची की मौत 12 अक्टूबर को हुई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। क्या दिमागी हालत खराब होना इसकी वजह है या पारिवारिक कलह। इसका भी पता लगाया जा रहा है।

बेटे की चाह थी स्वाति को
पड़ताल में यह बात भी सामने आ रही है कि स्वाति को बेटे की चाहत थी। इसलिए जब बेटी ने जन्म लिया तो वह उससे घृणा करने लगी। पति ने कुछ दिन पहले ही नया मोबाइल दिलाया था, उसी में देखकर उसने गूगल अकाउंट बनाया और यूट्यूब से हत्या का तरीका सीखा। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद से वह हत्या से इनकार करती रही, लेकिन पुलिस को मिले सबूतों के आधार पर उसे आरोपी बनाया।
... और पढ़ें

धार: प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस निकालने की नहीं थी अनुमति, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 

मध्यप्रदेश के धार शहर में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस निकालने के दौरान भगदड़ की स्थिति मच गई। प्रतिबंधित क्षेत्र से जुलूस नहीं निकालने की अनुमति थी, लेकिन मंगलवार को करीब सवा 10 बजे अचानक से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जुलूस जब उटावद दरवाजा क्षेत्र से गुजर रहा था तो उसमें शामिल कुछ लोगों ने बेरिकेड्स हटाकर प्रवेश निषेध वाले क्षेत्र में घुसने का प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस के जवानों ने प्रवेश करने से रोका, लेकिन कुछ युवा अंदर घुसने के लिए हंगामा करने लगे। इसपर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। ऐसे में वहां कुछ देर के लिए अफरा-तफरी के हालात बन गए। हालांकि, पुलिस बल ने हालात पर तुरंत ही काबू पा लिया। लाठीचार्ज के बाद कई इलाकों में भीड़ जमा होने लगी थी।

ईद मिलादुन्नबी के मौके पर धार प्रशासन ने शुरुआत में जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन सोमवार देर शाम को फैसला हुआ कि सीमित क्षेत्रों में जुलूस निकाला जा सकेगा। इसके लिए रूट तय किया था। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जुलूस शुरू हुआ। धार की गुलमोहर कॉलोनी से होते हुए जुलूस बस स्टैंड व धान मंडी होता हुआ पिंजारवाड़ी पहुंचा। रास्ते में से लोग जुलूस में शामिल होते गए और देखते ही देखते संख्या एक हजार के ऊपर हो गई। पिंजारवाड़ी क्षेत्र में पुलिस ने बैरिकेड्स लगा  रखे थे। इसे प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर रखा था। जब जुलूस यहां पहुंचा तो पुलिस ने समझाया कि इस रूट पर अनुमति नहीं है। फिर भी कुछ लोग उसमें घुसने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की, लेकिन मानने को तैयार नहीं हुए। जिसपर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। 

शरारती तत्वों के खिलाफ होगी कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्ग के बजाए जब एक वर्ग के कुछ लोग परंपरागत मार्ग से जाने का दबाव बनाने लगे। इस पर इन लोगों को रोका गया, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हुए इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ उलझने लगे।  पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकलवाया। फिलहाल हम शरारती तत्वों को चिह्नित कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
... और पढ़ें

हफ्ते में 5 दिन ही काम: मप्र के सरकारी दफ्तरों में सोमवार से शुक्रवार तक ही होगा कामकाज, 31 मार्च 2022 तक लागू होगा आदेश

मध्यप्रदेश के सरकारी दफ्तरों में एक सप्ताह में पांच दिन ही काम होगा। यह व्यवस्था 31 मार्च 2022 तक जारी रहेगी। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। 

पिछले साल कोरोना की दस्तक के बाद से ही सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ था। जिंदगी बचाने की होड़ लगी थी। कामकाज पर भी इसका असर हुआ और निजी संस्थानों में वर्क फ्रॉम होम कल्चर शुरू हुआ। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी नए नियम लागू किए गए थे। शासन ने आदेश जारी किया था कि शासकीय कार्यालयों में सप्ताह में पांच दिन ही काम होगा। सोमवार से शुक्रवार तक दफ्तर में कामकाज की व्यवस्था की गई थी।

मार्च 2022 तक प्रभावशील आदेश
सरकार का हफ्ते में 5 दिन काम का आदेश 31 अक्टूबर 2021 तक लागू था। इसे देखते हुए कर्मचारियों को लग रहा था कि 1 नवंबर से पहले की ही तरह सरकारी दफ्तरों में कामकाज शुरू हो जाएगा, लेकिन सरकार ने शुक्रवार को आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब सरकारी दफ्तरों के कार्य-दिवस सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) की व्यवस्था 31 मार्च 2022 तक प्रभावशील रहेगी। उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग डीके नागेंद्र ने बताया कि राज्य शासन द्वारा कोविड-19 महामारी के रोकथाम एवं बचाव के संबंध में संपूर्ण प्रदेश के शासकीय कार्यालयों के कार्य-दिवस सप्ताह में 5 दिवस (सोमवार से शुक्रवार) निर्धारित किए गए थे। यह आदेश 31 अक्टूबर 2021 तक प्रभावशील है, जिसे 31 मार्च 2022 तक बढ़ाया गया है।   
... और पढ़ें

खंडवा उपचुनाव: 41 साल बाद इस सीट पर उपचुनाव, भाजपा-कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर, गांव-गांव घूमकर इंदिरा गांधी ने मांगा था समर्थन

खंडवा लोकसभा सीट पर छह बार से सांसद रहे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। इस सीट पर 41 साल बाद हो रहे उपचुनाव के लिए 30 अक्तूबर को वोट डाले जाएंगे। कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजनारायण सिंह पुरनी को मैदान में उतारा है, वहीं, भाजपा ने ज्ञानेश्वर पाटिल को उम्मीदवार बनाकर ओबीसी कार्ड खेला है।   इस चुनाव में दोनों ही दलों के राष्ट्रीय नेता चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ इस सीट पर प्रदेश के सबसे बड़े स्टार प्रचारक हैं।

इससे पहले इस सीट पर 1979 में तत्कालीन सांसद परमानंद गोविंदवाला के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे। तब जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे ने कांग्रेस के ठाकुर शिवकुमार सिंह को हराया था। उस उपचुनाव में इंदिरा गांधी गांव-गांव घूमी थीं, लेकिन वे शिवकुमार को नहीं जितवा सकीं, लेकिन ठीक एक साल बाद 1980 में हुए आम चुनाव में ठाकरे को हार का सामना करना पड़ा था।

नंदकुमार सिंह ने बनाया ज्यादा अंतरों से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड
खंडवा लोकसभा सीट से सबसे ज्यादा चुनाव जीतने का रिकॉर्ड नंदकुमार सिंह के नाम पर है। 2019 में इस लोकसभा सीट पर 79 फीसदी वोटिंग हुई थी। नंदकुमार चौहान ने कांग्रेस उम्मीदवार अरुण यादव को तीन लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराकर चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। भाजपा अब इस सीट को अपने हाथ से फिसलने नहीं देना चाहती है। भाजपा ने संसदीय क्षेत्र में जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए करीब ढाई दशक बाद ओबीसी चेहरा पर भरोसा जताया है। भाजपा-कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव नाक की लड़ाई बन गई है। खंडवा लोकसभा क्षेत्र में आठ विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें खंडवा, बुरहानपुर, नेपानगर, पंधाना, मांधाता, बड़वाह, भीकनगांव और बागली शामिल हैं।

भाजपा ने  25 साल बाद ओबीसी पर लगाया दांव
मध्यप्रदेश भाजपा ने खंडवा लोकसभा सीट पर 25 साल बाद ओबीसी चेहरा को मैदान में उतारा है। इस संसदीय क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 19.68 लाख है। इसमें से पिछड़ा वर्ग 5 लाख 16 हजार हैं, जबकि समान्य वर्ग के मतदाता 4 लाख से कम हैं। जातीय समीकरण के गणित पर गैर करे तो एससी-एसटी वर्ग के वोटर सबसे ज्यादा 7 लाख 68 हजार हैं। इस क्षेत्र में आठ में से सिर्फ 3 विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।
... और पढ़ें

इंदौर: फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वाला आरोपी करता था सीएम हेल्प लाइन का इस्तेमाल, नोटों की बारिश के लिए तांत्रिक के पास जमा करवाता था धन

इंदौर में फर्जी पुलिस अधिकारी पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। एसपी आशुतोष बागरी ने बताया है कि रवि सोलंकी उर्फ राजवीर ने खुलासा किया है कि वह जितने भी रुपये महिलाओं से लेता था। उन रुपयों को छोटू महाराज नामक महिला तांत्रिक को देता था। महिला तांत्रिक द्वारा उसे नोट की बारिश का लालच दिया गया था। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस अधिकारियों से  बताया कि मुझे पुलिस में भर्ती कर लीजिए जिससे मैं आपको हर सूचना प्रदान करता रहूंगा। 

एसपी आशुतोष बागरी ने कई घंटे तक पूछताछ की जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोपी शहर के विजय नगर लसूडिया हीरा नगर खजराना थाना क्षेत्र में है लोगों को ठगी का शिकार बनाता था कई बार आरोपी जब उन्हें बताता था कि वह एक अंडरकवर एजेंट है। तो कई लोग उसे फोन पर शिकायत भी लिखवाते थे। जहां रवि उन शिकायतों को सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कर देता था और पीड़ित व्यक्ति की शिकायत का हल होने पर बताता था कि उसने समस्या का समाधान करवा दिया।

तांत्रिक को देता था रुपया
थाना प्रभारी तहजीब काजी ने आरोपी से रुपये ठगने के बारे में पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि इन रुपयों को वह तांत्रिक छोटू महाराज के पास लेकर जाता था। उससे वह नोटों की बारिश करने के लिए कई तंत्र क्रियाओं का सामान भी मंगाया था कुछ समय पहले वह इंदौर के समीप माचल स्थित श्मशान घाट गए थे। जहां पर छोटू बाबा के साथ अन्य दो व्यक्ति भी थे जहां पर नोटों की बारिश की बात हुई थी, लेकिन बाबा द्वारा किसी आत्मा को दिखा कर वहां से उसे वापस ले आए लेकिन नोटों की बारिश नहीं हुई।

कई थाना क्षेत्रों में रवि का था रसूख
पुलिस पूछताछ में आरोपी रवि ने बताया कि कैसे वह अपना जाल जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में फैला रखा था। रवि का रसूख इतना बढ़ा हुआ था कि क्षेत्रों के लोग इसे फोन कर सूचना देते थे।  गांजा बेचने वाले जुआ सट्टा खेलने वालों के नाम पते देते थे। वहीं कई लोग उसे रेड डालने की जब बात करते थे तो रवि वहां नहीं जाता था। और कहां देता था कि मैं अभी दूसरे थाने पर हूं तुम तुरंत 100 नंबर पर डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा दो।  मैं  वरिष्ट अधिकारी को कह देता हूं।
... और पढ़ें
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00