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Jabalpur News: हैंडपंप मेंटेनेंस के बिल पास करने के एवज में मांगी थी रिश्वत, कार्यपालन यंत्री-लेखा लिपिक धराए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 21 Aug 2025 03:48 PM IST
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सार
जबलपुर में पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह और वरिष्ठ लेखा लिपिक विकास पटैल को ईओडब्ल्यू ने 24 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। ठेकेदार से हैंडपंप मेंटेनेंस का बिल पास करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।
कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह और वरिष्ठ लेखा लिपिक विकास पटैल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के जबलपुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के कार्यपालन यंत्री और वरिष्ठ लेखा लिपिक को आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने बुधवार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने ठेकेदार से हैंडपंप मेंटेनेंस के बिल पास करने के लिए 24 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
ईओडब्ल्यू से प्राप्त जानकारी के अनुसार दमोह निवासी ठेकेदार रोहित बरौलिया ने सिहोरा ब्लॉक में हैंडपंप मेंटेनेंस का काम पूरा किया था। इसके बाद उसने दमोह नाका स्थित पीएचई कार्यालय में 2 लाख 47 हजार रुपये का बिल लगाया। बिल पास कराने के लिए कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह ने बिल की कुल राशि का 10 प्रतिशत (करीब 24 हजार रुपये) रिश्वत के रूप में मांगा।
ये भी पढ़ें- भोपाल में पकड़ी गई ड्रग्स फैक्ट्री मामले को लेकर एनएसयूआई का अनोखा प्रदर्शन, कुंभकरण बना कार्यकर्ता
रिश्वत मांगने की शिकायत ठेकेदार ने ईओडब्ल्यू के जबलपुर एसपी अनिल विश्वकर्मा से की। शिकायत के आधार पर टीम ने पहले मामले का सत्यापन किया, फिर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार दोपहर ठेकेदार ने शरद कुमार सिंह के निर्देश पर रिश्वत की रकम विभाग के वरिष्ठ लेखा लिपिक विकास पटैल को सौंपी। उसी समय डीएसपी स्वर्ण सिंह धामी के नेतृत्व में ईओडब्ल्यू टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई से पीएचई विभाग में हड़कंप मच गया है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
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ईओडब्ल्यू से प्राप्त जानकारी के अनुसार दमोह निवासी ठेकेदार रोहित बरौलिया ने सिहोरा ब्लॉक में हैंडपंप मेंटेनेंस का काम पूरा किया था। इसके बाद उसने दमोह नाका स्थित पीएचई कार्यालय में 2 लाख 47 हजार रुपये का बिल लगाया। बिल पास कराने के लिए कार्यपालन यंत्री शरद कुमार सिंह ने बिल की कुल राशि का 10 प्रतिशत (करीब 24 हजार रुपये) रिश्वत के रूप में मांगा।
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रिश्वत मांगने की शिकायत ठेकेदार ने ईओडब्ल्यू के जबलपुर एसपी अनिल विश्वकर्मा से की। शिकायत के आधार पर टीम ने पहले मामले का सत्यापन किया, फिर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार दोपहर ठेकेदार ने शरद कुमार सिंह के निर्देश पर रिश्वत की रकम विभाग के वरिष्ठ लेखा लिपिक विकास पटैल को सौंपी। उसी समय डीएसपी स्वर्ण सिंह धामी के नेतृत्व में ईओडब्ल्यू टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को रंगेहाथ पकड़ लिया।
ईओडब्ल्यू ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की गहन जांच जारी है। इस कार्रवाई से पीएचई विभाग में हड़कंप मच गया है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

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