Maharashtra: उद्धव को चौतरफा घेरने की शिंदे ने बनाई रणनीति, सियासी साख बचाने के लिए जमीन पर उतरेंगे ठाकरे
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विस्तार
शिवसेना का नाम और चुनाव निशान हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके गुट के नेता आक्रामक हैं। मुख्यमंत्री शिंदे ने शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर उद्धव ठाकरे को चौतरफा घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं, उद्धव ठाकरे ने भी सियासी साख बचाने के लिए जमीन पर उतरने का फैसला किया है।
महाराष्ट्र में दिवंगत बालासाहेब ठाकरे की विरासत और विचारों की जबरदस्त जंग छिड़ी है। पहले सत्ता और फिर शिवसेना से हाथ धोने के बाद उद्धव ठाकरे जमीन पर आ गए हैं। बीते शुक्रवार की रात यानि पांच दिन से लगातार वे जनता के सामने आ रहे हैं और यह बता रहे हैं कि किस तरह भाजपा ने केंद्रीय मशीनरी का दुरुपयोग कर साढ़े पांच दशक से एक दूसरे के पर्याय रहे ठाकरे और शिवसेना के नाते को छिन्न-भिन्न कर दिया है। शिवसेना भवन, शाखा और पार्टी कोष के अलावा मातोश्री पर भी शिंदे गुट कब्जा करने की फिराक में हैं। एक तरह से उद्धव ठाकरे चुनाव आयोग के निर्णय के विरोध में वातावरण तैयार करने में लगे हैं, जिससे उन्हें मराठी जनता की सहानुभूति हासिल हो सके। हालांकि उद्धव को अब भी सुप्रीम कोर्ट से न्याय की आस है।
दूसरी ओर भाजपा की तरफ से उद्धव ठाकरे को मिल रही सहानुभूति का आंकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर ठाकरे को जवाब देने की रणनीति बन रही है। लेकिन ठाकरे और शिंदे विवाद में कूदने से भाजपा बच रही है। शिवसेना प्रवक्ता व मंत्री दीपक केसरकर का कहना है कि उद्धव की तरफ से गलतफहमी फैलाने की कोशिश की जा रही है। हमें शिवसेना भवन, पार्टी कोष और मातोश्री में कोई रूचि नहीं है। हमने केवल दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आत्मसात किया है और उसके सहारे आगे बढ़ रहे हैं।
राज्यव्यापी दौरा कर सहानुभूति बटोरेंगे उद्धव
महाराष्ट्र के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सियासी संघर्ष जारी है। उद्धव ठाकरे के पास पार्टी और चुनाव चिन्ह खोने के बाद अब केवल ठाकरे नाम ही शेष रह गया है। इसलिए अपनी सियासी साख बचाने के लिए उद्धव ठाकरे ने राज्यव्यापी दौरा करने का कार्यक्रम तैयार किया है। उद्धव ने खुद ऐलान किया है कि मैं राज्य के दौरे पर जाऊंगा। राज्यभर में सभा आयोजित की जाएंगी। मेरी पहली सभा पांच मार्च खेड (रत्नागिरी) में होगी। इसके पहले 25 फरवरी से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेताओं की टीम राज्य के हर जिले का दौरा करेगी। इसके अलावा शाखा अभियान और संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
एमवीए की तर्ज पर नया मोर्चा बनाने की तैयारी
उद्धव ठाकरे की इस मुसीबत की घड़ी में कभी एनडीए का हिस्सा रहीं पार्टियों के नेताओं ने समर्थन का हाथ बढ़ाया है। इसलिए उद्धव भाजपा से बिछड़े साथियों को साधेंगे। ठाकरे की पार्टी के नेता ने कहा कि राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने साल 2019 में महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) बनाकर दिखा दिया है कि कैसे भाजपा को रोका जा सकता है। इसी तर्ज पर एनडीए के पूर्व साथियों को जोड़ा जाएगा और मार्च में मुंबई में एक बड़ी रैली करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि यह कवायद पुणे की कस्बापेठ और चिंचवड़ सीट पर उपचुनाव के बाद शुरू होगी। यदि भाजपा चुनाव हार जाती है, तो एमवीए की तरह राष्ट्रीय मोर्चा बनाना ज्यादा आसान होगा।
