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एशियाई मुल्कों में एयरलाइंस का भविष्य उज्ज्वल

Thu, 15 Nov 2012 10:42 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Thu, 15 Nov 2012 10:42 PM IST
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airlines future is bright in asian countries

तेजी से विस्तार कर रहे मध्यम वर्ग के चलते एशिया विमानन सेक्टर के लिए भी काफी संभावनाओं वाला बाजार बनता जा रहा है। हाल की मंदी के बावजूद एशियाई मुल्कों में विमानन सेक्टर का बाजार अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है।

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एसोसिएशन ऑफ एशिया पैसिफिक एयरलाइंस (एएपीए) द्वारा कराए का अध्ययन के मुताबिक एशिया में मंदी के बावजूद विमानन सेक्टर का बाजार काफी अच्छा है। एशियाई मुल्कों में तेजी से बढ़ रहा मध्यम वर्ग भविष्य में विमानन सेक्टर को और बेहतर बाजार उपलब्ध कराएगा।
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एशिया में चीन विमानन सेक्टर के लिए लगातार सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इस क्षेत्र के अन्य दूसरे देशों में भी विमानन सेक्टर की मांग में अच्छी खासी बढ़ोतरी आई है। इसकी सबसे मुख्य वजह हवाई यातायात के प्रति मध्यम वर्ग का तेजी से बढ़ता रुझान है। इस तरह, आने वाले दिनों में एशियाई विमानन कंपनियों का भविष्य उज्ज्वल है।
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रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप में आर्थिक मंदी, तेल की ऊंची कीमतें, कार्गो सेक्टर की चुनौतीपूर्ण स्थिति और हवाई ट्रैफिक में आई मंदी के बावजूद 2013 के लिए एशियाई बाजार तुलनात्मक रूप से बेहतर रहेगा। एएपीए के महानिदेशक एंड्रयू हेर्डमैन का कहना है कि एशिया अन्य क्षेत्रों के मुकाबले काफी आकर्षक और उच्च मुनाफा वाला बाजार बना हुआ है।

अध्ययन का आकलन है कि इंडोनेशिया जैसे दक्षिणपूर्व एशियाई बाजारों में आमदनी के स्तर में आए उछाल से हवाई यात्रा का खर्च वहन करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है। इससे क्षेत्रीय बाजारों में न केवल किफायती हवाई यात्रा करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है बल्कि लंबी दूरी के  यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है। इसके चलते यूरोप की कमजोर मांग में तेजी लाने में मदद मिल रही है।


पूरी दुनिया में मध्यम वर्ग की आबादी 2.1 अरब है। इसमें से 75 करोड़ यानी 30 फीसदी एशियाई मुल्कों में है। हेर्डमैन का कहना है कि अगले 20 सालों में एशियाई मध्यम वर्ग की आबादी में 500 फीसदी बढ़कर 3.4 अरब होने की उम्मीद है। 2021 तक दुनिया के मध्यम वर्ग कुल आबादी का करीब 60 फीसदी हो जाएगा।

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