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अंबानी भाइयों के बीच 12,000 करोड़ का करार
मुंबई/एजेंसी
Updated Fri, 07 Jun 2013 09:57 PM IST
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टेलीकॉम कारोबार के लिए अरबपति अंबानी भाइयों के बीच 12,000 करोड़ रुपये का समझौता हुआ है।
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इसके तहत, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने नए दूरसंचार सेवा कारोबार के लिए अनिल अंबानी के स्वामित्व वाले दूरसंचार टावरों का इस्तेमाल करेगी।
दोनों समूहों ने शुक्रवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की दूरसंचार इकाई रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (आरकॉम) से 45,000 मोबाइल टावर लीज पर लेगी।
यानी, आरआईएल की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम अनिल अंबानी की दूरसंचार कंपनी आरकॉम के टावरों का इस्तेमाल कर सकेगी। यह करार 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का है।
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पिछले दो महीनों में अंबानी भाइयों के बीच यह दूसरा समझौता है। यदि इस समझौते की अवधि 15 वर्ष होगी तो इससे अनिल अंबानी की आरकॉम को सालाना 800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी।
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दोनों समूहों ने अलग-अलग लेकिन एक ही तरह के बयान में कहा कि इस समझौते की शर्तों के तहत रिलायंस जियो इंफोकॉम, आरकॉम के देशभर में फैले करीब 45,000 टावरों का इस्तेमाल अपनी आधुनिकतम 4जी सेवा पेश करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए करेगी।
रिलायंस जियो इंफोकॉम एकमात्र ऐसी कंपनी है, जिसने 2010 में देशभर में 4जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम हासिल किया था लेकिन कंपनी अभी तक इसकी व्यावसायिक सेवाएं नहीं शुरू सकी है। दोनों कंपनियों के बयानों के मुताबिक, समझौते से साथ काम करने का मौका मिलेगा ताकि आधुनिक सेवा प्रदान करने के लिए नए स्थानों पर अतिरिक्त टावर लगाने की संभावनाओं का पता चलेगा।
दो माह पहले हुआ था पहला कारोबारी सौदा
दोनों भाइयों के बीच अप्रैल 2013 में पहला कारोबारी सौदा हुआ था। इस समझौते के अंतर्गत मुकेश अंबानी ने अपना दूरसंचार उद्यम शुरू करने के लिए अनिल अंबानी के ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क के इस्तेमाल करने पर सहमति जताई थी। वह सौदा 1,200 करोड़ रुपये का है। यह समझौता एक तरह से रिलायंस जियो इंफोकाम और रिलायंस कम्युनिकेशन के बीच व्यापारिक सहयोग की शुरुआत थी।