अंक ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति की प्रकृति, सोच और जीवन की दिशा को उसकी जन्मतिथि से निर्धारित मूलांक के माध्यम से जाना जाता है। जन्मतिथि में मौजूद सभी अंकों को जोड़कर जो अंतिम अंक प्राप्त होता है, वही मूलांक कहलाता है। यह मूलांक व्यक्ति के व्यवहार, निर्णय लेने की शैली, सोचने के तरीके और जीवन में घटने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं पर गहरा प्रभाव डालता है। मूलांक 1 से 9 तक होते हैं और हर अंक किसी न किसी ग्रह की ऊर्जा और प्रभाव से जुड़ा माना जाता है। इन अंकों की मदद से मूलांक और भाग्यांक की गणना की जाती है, जिससे दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक भविष्यफल तैयार किया जाता है। इसके जरिए व्यक्ति आने वाली परिस्थितियों का पूर्वानुमान कर अपने फैसलों को बेहतर दिशा दे सकता है।
Numerology: प्रेम में सबकुछ न्योछावर कर देते हैं मूलांक 2 के जातक, अक्सर खा बैठते हैं धोखा
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है, तो जन्म तिथि के अंकों का योग होगा 2 + 3 = 5। इस प्रकार उस व्यक्ति का मूलांक 5 होगा। इसी तरह, यदि किसी का जन्म 11 तारीख को हुआ है, तो 1 + 1 = 2 होगा और उसका मूलांक 2 होगा। वहीं, जन्म तिथि, जन्म माह और जन्म वर्ष के सभी अंकों का योग करने पर जो अंतिम अंक प्राप्त होता है, उसे भाग्यांक कहते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी का जन्म 22-04-1996 को हुआ, तो अंकों का योग होगा 2 + 2 + 0 + 4 + 1 + 9 + 9 + 6 = 33, और फिर 3 + 3 = 6। इस प्रकार उस व्यक्ति का भाग्यांक 6 होगा।
Mulank 4: इनके लिए पार्टनर को समय देना होता है मुश्किल, लेकिन जीवनभर निभाते हैं सुरक्षित और मजबूत रिश्ता
अंक ज्योतिष के माध्यम से आप अपनी दैनिक योजनाओं को अधिक प्रभावशाली और सफल बना सकते हैं। दैनिक अंक ज्योतिष आपको आपके मूलांक के अनुसार यह संकेत देता है कि आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा या नहीं। साथ ही, यह आपको संभावित चुनौतियों और अवसरों के बारे में पहले से सचेत करता है, ताकि आप हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें। आइए, अंक ज्योतिष की मदद से जानें आपका मूलांक, शुभ अंक और लकी कलर।

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