Venus Weak Point: शुक्र को ज्योतिष शास्त्र में शुभ और प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है। माना जाता है कि, उनका प्रभाव जातक को विलासिता भरा जीवन, भौतिक सुख-सुविधाएं और जीवन में आनंद प्रदान करता है। कहते हैं कि, जिन लोगों की कुंडली में शुक्र मजबूत या तेज होता है, वे आकर्षक व्यक्तित्व के धनी होते हैं और कला, संगीत-रचनात्मक क्षेत्रों में अच्छी सफलता प्राप्त करते हैं। शुक्र ग्रह का संबंध प्रेम, सुंदरता और ऐश्वर्य से भी माना गया है। इससे व्यक्ति के जीवन में सुख-सौभाग्य और समृद्धि बढ़ती है। लेकिन ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति की कुछ आदतें और आसपास मौजूद कुछ चीजें शुक्र की स्थिति को कमजोर करने लगती हैं। ऐसे में जीवन में कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती हैं। आइए जानते हैं किन चीजों के कारण कुंडली में शुक्र कमजोर होता है।
Venus Weak Point: ये 3 चीजें कुंडली में शुक्र को करती हैं कमजोर, आज ही करें इन्हें दूर
Venus Weak Point: ज्योतिषियों के अनुसार, यदि शुक्र कमजोर हो जाए, तो व्यक्ति रिश्तों में तनाव, वैवाहिक जीवन में असंतुलन और सुख-सुविधाओं में कमी जैसी समस्याओं का सामना कर सकता है।
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- ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शुक्र का संबंध सुंदरता और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा होता है। ऐसे में घर में बेकार सामान और टूटी-फूटी चीजें शुक्र की शुभता को कम करती हैं। इन सामानों के प्रभाव से घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ने लगती हैं, जिससे शुक्र कमजोर होने लगता है। इसलिए समय-समय पर घर की अनावश्यक चीजों को हटाते रहना चाहिए।
- शुक्र ग्रह का संबंध सीधे तौर पर साफ-सफाई से होता है। घर में फैली गंदगी न केवल सकारात्मक ऊर्जा को कम करती है, बल्कि इसका नकारात्मक प्रभाव कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति पर भी पड़ने लगता है। ज्योतिषियों के अनुसार, अच्छे वस्त्र पहनने से शुक्र मजबूत बना रहता है और व्यक्ति के आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।
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- ज्योतिष के अनुसार, लक्ष्मी जी का संबंध शुक्र देव से होता है, इसलिए घर में जरा भी गंदगी जहां सकारात्मक ऊर्जा कम करती हैं, वहीं कुंडली में भी शुक्र कमजोर होने लगता है। शुक्र ग्रह को स्वच्छता और सुंदर वातावरण प्रिय माना गया है। मान्यता है कि जिस घर में नियमित साफ-सफाई होती है और वातावरण शांत व व्यवस्थित रहता है, वहां शुक्र मजबूत बना रहता है। इसलिए नियमित साफ-सफाई करने से शुक्र से जुड़े शुभ फल प्राप्त होने लगते हैं।
1. हिमकुंद मृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्।
सर्वशास्त्र प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्।।
2. ‘ॐ शुक्राय नमः’
शुक्र बीज मंत्र: "ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः"
शुक्र का सामान्य मंत्र: "ॐ शुं शुक्राय नमः"
वैदिक मंत्र: "ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्। सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्।।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
