Ketu Ki Mahadasha: ज्योतिष में केतु को छाया ग्रह कहा जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, केतु की महादशा 7 साल तक चलती है। ऐसा कहा जाता है कि यदि केतु की महादशा के दौरान अन्य शुभ ग्रहों की स्थिति अच्छी न हो, तो व्यक्ति को इन 7 वर्षों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, यदि केतु की महादशा में शुभ ग्रहों की स्थिति अच्छी हो, तो व्यक्ति का भाग्य बहुत तेजी से बदल सकता है और वह रातों-रात अमीर बन सकता है। केतु की महादशा का नाम सुनकर ज्यादातर लोग डर जाते हैं, लेकिन असल में स्थिति कुछ और ही होती है। ज्योतिष के अनुसार यदि केतु की महादशा में शुभ ग्रहों का प्रभाव अच्छा हो, तो व्यक्ति सचमुच ऊंचें स्तर तक पहुंच सकता है। आइए जानते हैं कि केतु की महादशा में ऐसे कौन से 3 शुभ ग्रह हैं, जिनकी स्थिति अच्छी होने पर व्यक्ति को अपार सुख और धन की प्राप्ति हो सकती है।
केतु की महादशा में बदल जाती है तकदीर, जानें भाग्य परिवर्तन के पीछे कौन से ग्रह
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, केतु की महादशा 7 साल तक चलती है। ऐसा कहा जाता है कि यदि केतु की महादशा के दौरान अन्य शुभ ग्रहों की स्थिति अच्छी न हो, तो व्यक्ति को इन 7 वर्षों में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
केतु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा का फल
केतु की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा बहुत कम समय के लिए होती है, औसतन लगभग 4 महीने। हालाँकि, इसका प्रभाव बहुत शक्तिशाली होता है। यदि जातक की कुंडली में सूर्य बलवान स्थिति में है, तो इस दौरान सरकारी नौकरियों या उससे संबंधित क्षेत्रों में बड़ी सफलता मिलने की संभावना होती है। इसके अलावा, व्यक्ति को शारीरिक सुख, अच्छा भोजन और एक शांतिपूर्ण जीवन प्राप्त होता है। इस समय के दौरान, तीर्थयात्रा या विदेश यात्रा के योग बन सकते हैं, जो कि लाभदायक सिद्ध होंगे। सूर्य के शुभ प्रभाव के कारण समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और रुके हुए कार्य बिना किसी बाधा के पूरे हो जाते हैं।
केतु की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा का फल
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, केतु की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा औसतन 7 महीने की होती है। चूंकि चंद्रमा मन की गति का प्रतीक है, इसलिए यह व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर अधिक प्रभाव डालता है। यदि केतु की महादशा में चंद्रमा शुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति को अचानक कोई बड़ा आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। इसके अतिरिक्त, व्यापार में अभूतपूर्व प्रगति होगी और कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। ऐसी स्थिति में, व्यक्ति का जीवन समृद्ध और सुखमय होगा। साथ ही, व्यक्ति को अपनी पुत्री या संतान से सुख प्राप्त होने की भी प्रबल संभावना होती है।
केतु की महादशा में बृहस्पति की अंतर्दशा का फल
ज्योतिष शास्त्र में केतु और बृहस्पति के मेल को अत्यंत शुभ माना जाता है। केतु की महादशा में बृहस्पति की अंतर्दशा औसतन 11 महीने और 6 दिनों तक चलती है। इस दौरान, व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से उन्नति करता है। विद्यार्थियों को ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होती है। जातक को समाज में मान-सम्मान और प्रसिद्धि मिलती है। इस समय के दौरान, नई भूमि या घर खरीदने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। कृषि या रियल एस्टेट (संपत्ति) के क्षेत्र में कार्यरत लोगों को आर्थिक प्रगति का अनुभव होगा। परिवार में पुत्र या संतान के जन्म से संबंधित कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। ऐसे जातक राजसी सुख और धन-संपत्ति का भरपूर आनंद लेते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता और संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।