मायावी ग्रह केतु 3 अक्तूबर 2026 की रात 9 बजकर 48 मिनट पर मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे। इस समय केतु सिंह राशि में ही स्थित रहेंगे। पंचांग गणना के अनुसार अभी केतु मघा नक्षत्र के दूसरे पद में हैं और 3 अक्तूबर की रात नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे।
{"_id":"6ab64b236d26df38d006f5bf","slug":"ketu-nakshatra-gochar-2026-magh-nakshatra-october-impact-on-affected-zodiac-signs-and-remedies-2026-09-25","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"केतु नक्षत्र गोचर 2026: 3 अक्तूबर से इन राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, धन और रिश्तों में रहना होगा सतर्क","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
केतु नक्षत्र गोचर 2026: 3 अक्तूबर से इन राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, धन और रिश्तों में रहना होगा सतर्क
Fri, 25 Sep 2026 03:56 PM IST
ज्योति मेहरा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति मेहरा
Updated Fri, 25 Sep 2026 03:56 PM IST
सार
केतु 3 अक्तूबर 2026 की रात 9 बजकर 48 मिनट पर मघा नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे। इसका असर व्यक्ति के निर्णय, पारिवारिक विषयों और व्यवहार पर अलग-अलग रूप में दिखाई दे सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
विज्ञापन
Ketu Nakshatra Gochar 2026
- फोटो : AI
वृषभ राशि
- फोटो : amarujala
वृषभ राशि
- वृषभ राशि के जातकों के लिए केतु चौथे भाव में स्थित हैं। यह भाव घर-परिवार, माता, संपत्ति और मानसिक सुख का माना जाता है।
- केतु के प्रभाव से घरेलू मामलों में मन कुछ उदासीन रह सकता है या परिवार के बीच रहते हुए भी अकेलेपन का अनुभव हो सकता है।
- संपत्ति से जुड़े पुराने मामले दोबारा चर्चा में आ सकते हैं। वाहन से जुड़े मामलों में भी सतर्कता रखना बेहतर रहेगा।
- घर बदलने या प्रॉपर्टी से जुड़ा बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें।
- पितरों के नाम पर अन्न-जल का दान करें और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करें।
कर्क राशि
- फोटो : amarujala
कर्क राशि
- कर्क राशि वालों के दूसरे भाव में केतु का प्रभाव रहेगा। यह भाव धन, परिवार, वाणी और बचत से जुड़ा होता है।
- इस अवधि में आर्थिक मामलों को लेकर असंतोष या बचत में कमी महसूस हो सकती है।
- अचानक खर्च सामने आने की संभावना के कारण बजट पर ध्यान देना जरूरी होगा।
- वाणी को लेकर विशेष सावधानी रखें, क्योंकि आवेश में कही गई बात पारिवारिक तनाव बढ़ा सकती है।
- जरूरतमंदों को भोजन कराना और नियमित रूप से श्रीराम नाम का स्मरण करना शुभ माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिंह राशि
- फोटो : amarujala
सिंह राशि
- सिंह राशि के जातकों की जन्मराशि में ही केतु स्थित हैं और अब वह मघा के प्रथम पद में प्रवेश करेंगे।
- इसलिए इस राशि के लिए यह परिवर्तन विशेष महत्व रखता है।
- आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और जीवन की दिशा से जुड़े मामलों में असमंजस पैदा हो सकता है।
- किसी काम में मन लगने के बाद अचानक उससे दूरी बनाने का विचार भी आ सकता है।
- रिश्तों में जरूरत से ज्यादा दूरी बनाने से बचें। प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें और रविवार को गेहूं या गुड़ का दान करें।
विज्ञापन
कन्या राशि
- फोटो : amarujala
कन्या राशि
- कन्या राशि से केतु बारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। यह भाव खर्च, विदेश, एकांत, नींद और मानसिक व्यस्तता का माना जाता है।
- इस दौरान अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं या धन ऐसी जगह लग सकता है, जिसका लाभ तुरंत दिखाई न दे।
- नींद और आराम की अनदेखी से दिनचर्या प्रभावित हो सकती है।
- विदेश अथवा दूर स्थान से जुड़े कामों में निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह विचार करें।
- मंगलवार को हनुमान मंदिर में गुड़-चने का भोग लगाएं और जरूरतमंदों को भोजन कराएं।