सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Mauni Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति का शुभ अवसर, मौनी अमावस्या पर जरूर करें ये पांच सरल उपाय

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति मेहरा Updated Thu, 15 Jan 2026 12:02 PM IST
सार

Mauni Amavasya 2026: पितृ दोष के कारण यदि जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों, तो माघ अमावस्या पर किए गए सरल उपायों से इन समस्याओं से राहत मिल सकती है। पितरों के निमित्त किए गए कर्म न केवल दोष शांति में सहायक होते हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग भी खोलते हैं।
 

विज्ञापन
Pitru Dosh Upay in Hindi Five Remedies on Mauni Amavasya To Remove Pitru Dosh
मौनी अमावस्या 2026 पितृ दोष से मुक्ति के उपाय - फोटो : Amar Ujala

Mauni Amavasya 2026 Upay In Hindi: माघ मास में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। इसे सनातन परंपरा में विशेष पुण्यदायी तिथि माना गया है। यह दिन स्नान, दान और पितृ तर्पण के लिए अत्यंत शुभ होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। यदि पितृ दोष के कारण जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों, तो माघ अमावस्या पर किए गए सरल उपायों से इन समस्याओं से राहत मिल सकती है। पितरों के निमित्त किए गए कर्म न केवल दोष शांति में सहायक होते हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग भी खोलते हैं।



Magh Gupt Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि और माघ गुप्त नवरात्रि में बन रहा है संयोग, जानें इस साल क्या है खास

Trending Videos
Pitru Dosh Upay in Hindi Five Remedies on Mauni Amavasya To Remove Pitru Dosh
माघ अमावस्या पर पितृ दोष शांति के प्रभावी उपाय - फोटो : adobe stock

माघ अमावस्या पर पितृ दोष शांति के प्रभावी उपाय

  • माघी अमावस्या के दिन प्रातःकाल पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण अवश्य करना चाहिए।
  • तर्पण का सबसे शुभ समय सुबह 5 बजे से लेकर 9 बजे तक बताया गया है। 
  • यदि आपके आसपास कोई नदी, सरोवर या तालाब उपलब्ध न हो, तो घर पर भी तर्पण किया जा सकता है। इसके लिए एक पात्र में जल लेकर उसमें कुश, अक्षत और काले तिल मिलाएं।
  • इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों के नाम से जल अर्पित करें और “ॐ पितृभ्यो नमः” मंत्र का कम से कम 11 बार जप करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Pitru Dosh Upay in Hindi Five Remedies on Mauni Amavasya To Remove Pitru Dosh
दान - फोटो : adobe stock
दान
  • पितरों की कृपा पाने के लिए इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। 
  • यदि संभव हो तो किसी योग्य ब्राह्मण को भोजन कराएं या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें। 
  • हरिद्वार, गया जैसे पवित्र तीर्थ स्थलों में दान करने से भी पितृ दोष शांति मानी जाती है। 
  • इससे पूर्वजों की आत्मा को संतोष मिलता है और परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है।
Pitru Dosh Upay in Hindi Five Remedies on Mauni Amavasya To Remove Pitru Dosh
पंचबलि कर्म - फोटो : adobe stock
पंचबलि कर्म
  • माघी अमावस्या के दिन पंचबलि कर्म करना भी एक महत्वपूर्ण उपाय माना गया है। 
  • घर में बना हुआ भोजन गाय, कौआ, चींटी, कुत्ता और किसी ब्राह्मण को अवश्य अर्पित करें। 
  • इन प्राणियों के माध्यम से पितरों तक अन्न पहुंचता है, जिससे वे प्रसन्न होते हैं और जीवन में आ रही रुकावटें दूर होने लगती हैं।
विज्ञापन
Pitru Dosh Upay in Hindi Five Remedies on Mauni Amavasya To Remove Pitru Dosh
दीपदान  - फोटो : adobe stock

दीपदान 

  • सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाकर उसे घर की दक्षिण दिशा में रखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाशऔर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं, दूध और गंगाजल अर्पित करें तथा सात बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Astrology News in Hindi related to daily horoscope, tarot readings, birth chart report in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Astro and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed