Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से मीन राशि में वक्री होंगे शनि, सिंह-धनु समेत 5 राशियों को मिलेगा लाभज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता माना जाता है। शनि जैसा कर्म, वैसा फल देते हैं। जब शनि अपनी चाल बदलकर वक्री यानी उल्टी दिशा में चलते हैं, तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में अवश्य पड़ता है। इस बार शनि देव 27 जुलाई 2026 से मीन राशि में वक्री गति से चलना आरंभ करेंगे और 11 दिसंबर 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार शनि की इस वक्री चाल से सिंह, वृश्चिक, धनु, मकर समेत 5 राशियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। इस अवधि में इन राशियों के जातकों को करियर में प्रगति, वैवाहिक जीवन में सुखद परिणाम और नौकरी में आ रही बाधाओं से राहत मिल सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि शनि के वक्री होने से किन राशियों को लाभ मिलेगा।
Shani Vakri 2026: 27 जुलाई से बदलेगी शनि की चाल, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते
Shani Vakri 2026: इस बार शनि देव 27 जुलाई 2026 से मीन राशि में वक्री गति से चलना आरंभ करेंगे और 11 दिसंबर 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार शनि की इस वक्री चाल से 5 राशियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
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सिंह राशि
शनि का यह वक्री गोचर सिंह राशि के सप्तम भाव में हो रहा है। इस समय सिंह राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है, जिसके चलते जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। शनि के वक्री होने से इनके जीवन पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव कुछ हद तक कम हो सकता है। सरकारी नौकरी में आ रही बाधाओं का समाधान निकल सकता है। हालांकि रोजगार और वैवाहिक मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता रहेगी, तभी बेहतर परिणाम मिल सकेंगे।
वृश्चिक राशि
शनि का वक्री गोचर वृश्चिक राशि के पंचम भाव में हो रहा है। इस दौरान कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन पिछले कुछ समय की तुलना में स्थिति में सुधार होता दिखाई देगा। संतान से जुड़े मामलों में और शिक्षा के क्षेत्र में शुभ परिणाम मिलने की संभावना है। यदि किसी ने कहीं निवेश किया हुआ है और उसमें नुकसान चल रहा था, तो अब उसमें भी सुधार के संकेत दिख रहे हैं।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर इस समय चतुर्थ भाव में हो रहा है। इन जातकों पर भी इस समय शनि की ढैय्या का प्रभाव चल रहा है। शनि के वक्री होने से इनके जीवन में शनि के नकारात्मक प्रभाव में कमी आएगी और कुछ समय के लिए राहत महसूस होगी। यदि किसी रिश्तेदार के साथ किसी बात को लेकर मनमुटाव या गलतफहमी चल रही थी, तो अब वह धीरे-धीरे दूर होने लगेगी। साथ ही जीवन में सुख-सुविधाओं में भी वृद्धि होने की संभावना है।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए शनि का यह वक्री गोचर तृतीय भाव में हो रहा है, जो साहस और पराक्रम का भाव माना जाता है। इसलिए शनि की यह वक्री चाल इन जातकों के लिए शुभ फलदायी रह सकती है। हालांकि अच्छे परिणाम मिलने में थोड़ा विलंब हो सकता है, लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है। प्रतिस्पर्धा वाले कार्यों में सफलता मिलने की संभावना प्रबल है, और अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकलने में ये जातक सफल हो सकते हैं। हालांकि कुछ विशेष मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।