अयोध्या विवाद को सुलझाने को शंकराचार्य से लेकर तमाम बड़े संतों, राजनेताओं और तमाम बड़ी शख्सियतों ने कोशिश की लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा है। यह जटिल विवाद न सिर्फ धर्म जगत से बल्कि राजनीति से भी जुड़ा रहा है। राम मंदिर निर्माण को लेकर जहां मौजूदा मोदी सरकार पर दबाव बना हुआ है, वहीं इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई चल रही है। संत, आम जनता और पार्टी के कार्यकर्ता भी इस दिशा में मोदी की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आम चुनाव से पहले मोदी इस बाबत कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं, लेकिन ग्रहों की चाल कुछ और कहानी बयां कर रही है। ज्योतिषविदों की मानें तो 2020 से पहले ऐसी कोई दशा नहीं बन रही है जिसमें मोदी सरकार का यह सपना साकार हो सके।
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क्या ये मोदी सरकार नहीं बनवा पाएगी अयोध्या में राम मंदिर?
Madhukar Mishra
Updated Sun, 25 Nov 2018 11:10 AM IST
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राम मंदिर पर ज्योतिषी की भविष्यवाणी
जाने-माने ज्योतिषविद् आचार्य राजीव नारायण शर्मा के अनुसार मार्च 2020 से पहले कोई भी व्यक्ति, संस्था और पार्टी इस पृथ्वी पर राम मंदिर का निर्माण कार्य नहीं करा सकती है। ज्योतिषाचार्य राजीव इस संबंध में 11 मार्च 2018 की रात 8.34 पर सोशल मीडिया पर इसकी भविष्यवाणी पहले भी कर चुके हैं।
जाने-माने ज्योतिषविद् आचार्य राजीव नारायण शर्मा के अनुसार मार्च 2020 से पहले कोई भी व्यक्ति, संस्था और पार्टी इस पृथ्वी पर राम मंदिर का निर्माण कार्य नहीं करा सकती है। ज्योतिषाचार्य राजीव इस संबंध में 11 मार्च 2018 की रात 8.34 पर सोशल मीडिया पर इसकी भविष्यवाणी पहले भी कर चुके हैं।
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करना होगा 2020 का इंतजार
विदित हो कि राम मंदिर निर्माण को लेकर इन दिनों अटकलों का बाजार गरम है। जबकि अयोध्या विवाद को लेकर श्री श्री रविशंकर समेत दूसरे संतों की कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। अब जबकि नये चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया का नाम प्रस्तावित किया जा चुका है, उस परिस्थिति में इस सरकार के कार्यकाल में यानी मई 2019 के भीतर इस पुण्य कार्य के पूर्ण होने की संभावना लगभग समाप्त हो रही है।
विदित हो कि राम मंदिर निर्माण को लेकर इन दिनों अटकलों का बाजार गरम है। जबकि अयोध्या विवाद को लेकर श्री श्री रविशंकर समेत दूसरे संतों की कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। अब जबकि नये चीफ जस्टिस आॅफ इंडिया का नाम प्रस्तावित किया जा चुका है, उस परिस्थिति में इस सरकार के कार्यकाल में यानी मई 2019 के भीतर इस पुण्य कार्य के पूर्ण होने की संभावना लगभग समाप्त हो रही है।
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क्या कहती है भाजपा की कुंडली
6 अप्रैल 1980 को बनी भारतीय जनता पार्टी की कुंडली मिथुन लग्न की है। हालांकि लग्न के स्वामी बुध नवम भाव (मंदिर) में हैं, परन्तु नवम भाव, इसके स्वामी शनि, दशम भाव (यश, कीर्ति), इसके स्वामी बृहस्पति एवं बुध सभी पाप ग्रहों से पीड़ित हैं।
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क्या कहता है मोदी का प्रारब्ध
वर्तमान में पार्टी के सर्वोच्च नेता नरेंद्र मोदी जिनका जन्म 17.9.1950 को हुआ है, उनका भी नवमेश चंद्रमा नीच का छठवें भाव के स्वामी मंगल से पीड़ित है, दशमेश सूर्य और बृहस्पति भी पीड़ित हैं। परंतु सूर्य का लाभ के भाव यानी ग्यारहवें घर में, लाभेश बुध के साथ होने से इनको राजनीतिक सफलता और इस विषय का लाभ मिलने का संकेत अवश्य देता है।
वर्तमान में पार्टी के सर्वोच्च नेता नरेंद्र मोदी जिनका जन्म 17.9.1950 को हुआ है, उनका भी नवमेश चंद्रमा नीच का छठवें भाव के स्वामी मंगल से पीड़ित है, दशमेश सूर्य और बृहस्पति भी पीड़ित हैं। परंतु सूर्य का लाभ के भाव यानी ग्यारहवें घर में, लाभेश बुध के साथ होने से इनको राजनीतिक सफलता और इस विषय का लाभ मिलने का संकेत अवश्य देता है।

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