चोर और पुलिस का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में भाग-दौड़, पीछा करने और पकड़े जाने के किस्से आने लगते हैं। फिल्मों में आपने पुलिस को चोर के पीछे दौड़ते और चोर को बचने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते जरूर देखा होगा। लेकिन जब इसी भाग-दौड़ में मजेदार सवाल और चतुर जवाब शामिल हो जाएं तो गंभीर मामला भी हंसी का कारण बन सकता है। कभी चोर अपनी सफाई में ऐसी दलील देता है कि पुलिस वाला भी सोच में पड़ जाता है, तो कभी पुलिस का एक सवाल चोर की सारी होशियारी बाहर ले आता है।
चुटकुले: पुलिस की पूछताछ में चोर ने दिखाया ऐसा दिमाग, बहाने ऐसे कि हंसते-हंसते हो जाएंगे लोटपोट
Majedar Chutkule: चोर-पुलिस के ये मजेदार जोक्स पुलिस की पूछताछ, चोर के बहानों और दोनों के बीच होने वाली काल्पनिक बातचीत पर आधारित हैं। कहीं चोर अपनी सफाई में अजीब तर्क देता है तो कहीं पुलिस अपने सवालों से उसकी बोलती बंद कर देती है।
पुलिसवाला - तुम रात में इस घर में क्या कर रहे थे?
चोर - साहब, मैं तो बस देखने आया था कि लोग रात में चैन से सोते कैसे हैं।
पुलिसवाला - फिर अलमारी क्यों खोल रहे थे?
चोर - साहब, सोने वालों की अलमारी में भी कुछ चैन मिलता है या नहीं, वही देख रहा था!
पुलिसवाला - तुम्हारी जांच अब थाने में होगी। वहां चैन से बैठकर सब समझाना!
पुलिसवाला - सच-सच बताओ, तुमने चोरी की है?
चोर - साहब, मैं झूठ नहीं बोलता।
पुलिसवाला - तो फिर चोरी कबूल करते हो?
चोर - साहब, मैं झूठ नहीं बोलता, लेकिन हर सवाल का जवाब भी नहीं देता!
पुलिसवाला - अच्छा! अब तुम्हारी चुप्पी का मतलब भी हम ही समझें?
पुलिसवाला - तुम्हें कैसे लगा कि मैं पुलिस वाला हूं?
चोर - साहब, आप जहां भी जाते हैं, लोग सीधे खड़े हो जाते हैं।
पुलिसवाला - और तुम्हें कैसे पता चला कि तुम पकड़े जाने वाले हो?
चोर - साहब, मुझे देखते ही आप भी सीधे खड़े हो गए थे!
पुलिसवाला - तुम्हारी नजर तो तेज है, बस इस्तेमाल सही जगह करना सीखो!
पुलिसवाला - मुझे देखकर भाग क्यों रहे थे?
चोर - साहब, मुझे लगा आप दौड़ने की प्रतियोगिता करवा रहे हैं।
पुलिसवाला - और तुम बिना बताए दौड़ में शामिल हो गए?
चोर - साहब, जीतने का मौका कौन छोड़ता है!
पुलिसवाला - अब थाने तक चलो, वहां तुम्हारी दौड़ का नतीजा बताते हैं!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)