कपिल सिब्बल एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने आज राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय के रूप में पर्चा भरा। इसी दौरान उन्होंने खुलासा किया कि वह कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं। राज्यसभा पहुंचने के लिए उन्हें समाजवादी पार्टी समर्थन दे रही है। हालिया वक्त में सिब्बल कांग्रेस में विद्रोही गुट जी-23 का प्रमुख चेहरा बने हुए थे। इस दौरान व सीधे सोनिया गांधी पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस में पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग कर रहे थे। सिब्बल देश के जाने-माने वकील हैं और हर सुनवाई के लिए लाखों रुपये लेते हैं। उन्होंने कई बड़े नेताओं के केस लड़े हैं और उन्हें राहत दिलाई है। इसके अलावा तीन तलाक, राम जन्मभूमि जैसे मामले में भी उन्होंने याचिकाकर्ताओं की ओर से केस लड़ा। आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने अब तक किन-किन बड़े मामलों में वकील के तौर पर पैरवी की है।
आजम खां को दिलाई जमानत
2 of 9
Azam khan
- फोटो : amar ujala
जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जमीन कब्जाने सहित कई मामलों में फंसे सपा नेता आजम खां को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है और वे लंबे समय बाद जेल से रिहा हुए हैं। आजम खान को जमानत दिलाने में कपिल सिब्बल की खास भूमिका रही है। सिब्बल ने ही सुप्रीम कोर्ट में आजम खान की पैरवी की थी। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में आजम मामले में जल्द सुनवाई की अपील की थी जिसे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और बेला एम त्रिवेदी ने मान लिया था। आजम कई मामलों में फरवरी 2020 से ही सीतापुर जेल में बंद थे।
हिजाब मामले में भी की पैरवी
3 of 9
कर्नाटक हिजाब विवाद
- फोटो : पीटीआई
कपिल सिब्बल ने कर्नाटक हिजाब मामले में भी एक याचिकाकर्ता का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया था। मुस्लिम छात्रा के वकील के तौर पर सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में उठाया था लेकिन चीफ जस्टिस ने ने इसकी इजाजत नहीं दी थी। सीजेआई ने कहा था कि मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में है इसलिए वहां पहले सुनवाई पूरी होनी चाहिए। सिब्बल ने स्कूलों में हिजाब को बैन किए जाने के खिलाफ सुनवाई का मामला पुरजोर तरीके से शीर्ष अदालत में उठाया था, हालांकि सीजेआई ने इस पर तब सुनवाई से इनकार कर दिया था।
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में केस लड़ा
4 of 9
राम जन्मभूमि
- फोटो : एएनआई
सिब्बल ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में भी मुस्लिम पक्ष का केस लड़ा था। सिब्बल ने ही सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि इस मामले की सुनवाई 2019 तक टाल दी जाए। उन्होंने 2019 लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए यह दलील दी थी। लेकिन सिब्बल की दलीलें काम नहीं आई थीं। इसे लेकर भाजपा आज भी सिब्बल और कांग्रेस को निशाने पर लेती रही है।
तीन तलाक का किया विरोध
5 of 9
तीन तलाक (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : Social Media
सिब्बल ने तीन तलाक पर भी सरकार के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से मुकदमा लड़ा था। सिब्बल ने दलील दी थी कि तीन तलाक पर बैन लगाना सही नहीं होगा क्योंकि यह आस्था से जुड़ा मामला है। इसे लेकर कांग्रेस और सिब्बल दोनों भाजपा के निशाने पर रहे हैं। हालांकि, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल की दलीलों को खारिज करते हुए तीन तलाक पर रोक लगा दी थी।