भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) की मौजूदा अध्यक्ष माधबी पुरी बुच का तीन साल का कार्यकाल 28 फरवरी को पूरा हो रहा है। बुच ने दो मार्च 2022 को सेबी का पदभार संभाला था। अब इनकी जगह तुहिन कांत पांडे लेंगे। केंद्र सरकार ने पांडे को अगला सेबी चीफ नियुक्त किया है। केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय (DoPT) ने पांडे की नियुक्ति को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
Tuhin Kanta Pandey: कितने पढ़े-लिखे हैं नए सेबी अध्यक्ष, वेतन कितना होगा? ओडिशा कैडर के IAS को 38 साल का अनुभव
तुहिन कांत पांडे सेबी के नए अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। वह ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें 38 साल से अधिक का प्रशासनिक अनुभव है। वह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की टीम का अहम हिस्सा रहे हैं। आइये जानते हैं इनके जीवन के बारे में...
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कितने पढ़े-लिखे हैं सेबी के अगले प्रमुख
पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर यानी एमए की डिग्री हासिल करने वाले तुहिन कांत पांडे उच्च शिक्षा के लिए विदेश भी गए। ब्रिटेन में प्रबंधन की पढ़ाई करने गए पांडे ने बर्मिंघम विश्वविद्यालय (यूके) से मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडिमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) की उपाधि हासिल की।
नए सेबी को कितना वेतन मिलेगा
वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक मामलों के विभाग ने जनवरी में सेबी अध्यक्ष पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। विज्ञापन के मुताबिक सेबी चेयरपर्सन को भारत सरकार के सचिव के बराबर वेतन मिलेगा, जो 5,62,500 रुपये प्रति माह (मकान व कार के बिना) है।
बतौर नौकरशाह कई विभागों में साबित कीं अपनी क्षमताएं
तुहिन कांत पांडे वित्त मंत्रालय में आने से पहले, संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के क्षेत्रीय कार्यालय में भी योगदान दे चुके हैं। बतौर नौकरशाह ओडिशा सरकार के कई अहम पदों पर काम कर चुके पांडे, केंद्र में आने के बाद नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (NITI आयोग) में संयुक्त सचिव, केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिवालय में संयुक्त सचिव और वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव के रूप में भी अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। बता दें कि नीति आयोग को पीएम मोदी के कार्यकाल से पहले योजना आयोग के रूप में जाना जाता था।
- पांडे केंद्र सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग में भी उल्लेखनीय योगदान दे चुके हैं।
- निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) में भी रहे।
- लोक उद्यम विभाग (डीपीई) में भी सेवाएं दीं।
- डीआईपीएएम और डीपीई दोनों वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करते हैं।
तुहिन कांत पांडे का ओडिशा में ऐसा रहा कार्यकाल
केंद्र सरकार के विभागों में आने से पहले ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य, सामान्य प्रशासन, वाणिज्यिक कर, परिवहन और वित्त विभागों में तुहिन कांत पांडे ने बतौर प्रशासनिक प्रमुख अपनी सेवाएं दीं। नौकरशाह के तौर पर अपने शानदार प्रशासनिक करियर में ओडिशा राज्य वित्त निगम के कार्यकारी निदेशक रहे पांडे ओडिशा लघु उद्योग निगम के प्रबंध निदेशक भी बने।