केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि सरकार मतदान में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मतदाता सूची को आधार से जोड़ने पर मंथन कर रही है। साथ ही विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए ऑनलाइन वोटिंग शुरू करने पर विचार जारी है।
संसद सत्र: रिजिजू बोले- मतदाता सूची को आधार से जोड़ने, प्रवासियों की ऑनलाइन वोटिंग पर विचार जारी, पढ़ें सभी अपडेट
रिजिजू ने शून्यकाल के दौरान कहा, चुनावी धोखाधड़ी एक गंभीर मामला है और सरकार केंद्रीय कानून मंत्री के स्तर पर इस पर विचार कर रही है कि फर्जी मतदान की जांच कैसे की जाए।
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ईवीएम पर सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए
ईवीएम के स्रोत कोड से जुड़े कांग्रेस सदस्य मनीष तिवारी के सवाल पर रिजिजू ने कहा, ईवीएम पर किसी को सवाल नहीं उठाने चाहिए और इसको लेकर किसी तरह के अनुमान भी नहीं लगाए जाने चाहिए। यह बिलकुल जजों की नियुक्ति की तरह है। सरकार नियुक्ति तो करती है लेकिन उसके बाद जज स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। मनीष तिवारी ने पूछा था कि ईवीएम को स्रोत कोड उसे बनाने वाली कंपनी के पास रहता है या निर्वाचन आयोग को सौंपा जाता है। जब तिवारी ने कहा कि उन्हें सवाल का जवाब नहीं मिला है तो स्पीकर ओम बिरला ने कहा, पूरी दुनिया भारत के लोकतंत्र और उसकी निर्वाचन प्रक्रिया की सराहना करती है।
तमिल मछुआरों का भी मुद्दा उठा
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी.मुरलीधरन ने कहा कि 577 भारतीय मछुआरे पाकिस्तान की हिरासत में भी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप 2014 से अब तक 2,140 भारतीय मछुआरे और मछली पकड़ने वाली 57 भारतीय नौकाओं को पाकिस्तान से वापस लाया गया है।
इस बीच सरकार ने संसद को बताया कि केंद्र उन 16 तमिल मछुआरों को भारत वापस लाने का पूरा प्रयास कर रही हैं, जिन्हें श्रीलंका की नौसेना ने समुद्री सीमा के उल्लंघन के आरोप में नौकाओं समेत हिरासत में ले लिया था। उनमें से 12 को कच्चातीवू के पास मछली पकड़ते समय और बाकी को मन्नार की खाड़ी से पकड़ा गया था। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि 2022 में श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किए गए 96 भारतीय मछुआरों में से सरकार ने 80 की रिहाई सुनिश्चित की है। तमिलनाडु के कई सांसदों ने मछुआरों की शीघ्र रिहाई के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की है।
विधायी क्षेत्र में पूर्व जजों, बाबुओं के प्रवेश पर रोक की योजना नहीं
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि पूर्व जजों, नौकरशाहों और बाबुओं को विधायी क्षेत्र में आने से रोकने की कोई योजना नहीं है। केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू से पूछा गया था कि क्या सरकार इन संदर्भ में कोई कानून लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने जवाब में कहा, नहीं। साथ ही रिजिजू ने यह भी बताया कि सरकार राज्य विधानसभाओं और संसद के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि, पेशे या पिछले रोजगार के संबंध में कोई डेटा नहीं रखती है। कई नौकरशाह और रक्षा कर्मी व जज सेवानिवृत्त होने के बाद सांसद, विधायक बने हैं।
क्रिप्टो पर सरकार को जल्द लाना चाहिए कानून: गोगोई
क्रिप्टोकरेंसी जैसी अनियमित आभासी संपत्ति के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने शुक्रवार को कहा, सरकार को क्रिप्टो पर कानून लेकर आना चाहिए। ताकि आतंकी फंडिंग और ड्रग तस्करी में इसका इस्तेमाल बंद हो सके। लोकसभा में वित्त बिल पर बहस के दौरान गोगोई ने कहा, सरकार की ओर से अब तक क्रिप्टो करेंसी को लेकर मिले जुले संकेत मिले हैं। जबकि क्रिप्टो की परिभाषा स्पष्ट होनी बहुत जरूरी है। अभी तक यही नहीं पता है कि यह संपत्ति है, मुद्रा है या फिर कुछ और ही अनुमान लगाया जाता है। सरकार को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है नहीं तो क्रिप्टो करेंस मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग तस्करी और अपराध की नई राह खोलेगी। गोगोई ने कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि क्रिप्टो पर जल्द से जल्द नीति आएगी क्योंकि अभी यह एक बहुत बड़ा खतरा है।