Hindi News
›
Photo Gallery
›
India News
›
Under the Sal Tree Theatre Festival: Open stage under the trees, audience sits on straw; see picture
{"_id":"675f299e27d7ec150b011959","slug":"under-the-sal-tree-theatre-festival-open-stage-under-the-trees-audience-sits-on-straw-see-picture-2024-12-16","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवलः पेड़ों के नीचे खुला मंच, पुआल पर बैठते हैं दर्शक; देखें तस्वीर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवलः पेड़ों के नीचे खुला मंच, पुआल पर बैठते हैं दर्शक; देखें तस्वीर
आज से असम की राजधानी दिसपुर में तीन दिवसीय बाडुंगडुप्पा कलाकेंद्र का 'अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल' शुरू होगा। प्रकृति की गोद में सजता है दुनिया का अनोखा रंगमंच बिना माइक्रोफोन और बिजली, फेस्टिवल शून्य-कार्बन- फुटप्रिंट के लिए प्रसिद्ध है।
विज्ञापन
1 of 5
अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
असम की राजधानी दिसपुर से करीब 145 किलोमीटर दूर ग्वालपाड़ा जिले के रामपुर के पासआज से अरण्य के बीच एक अनोखा रंगमंच सजने जा रहा है। इसका आयोजन राभा जनजाति के लोग करते हैं। यहां पर सब कुछ प्राकृतिक है। खुले आसमान में साल के पेड़ों के नीचे सजता है रंगमंच। लोग पुआल और बांस पर बैठते हैं। एक अनोखा प्रयोग है, जो थिएटर को सबसे न्यूनतम तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। इतना न्यूनतम कि न तो मंच पर प्रकाश व्यवस्था होती है और न ही माइक्रोफोन, जो प्रॉसिनियम थिएटर के बुनियादी तत्व माने जाते हैं। यही प्रदर्शन कला सिनेमा से अलग बन जाती है। दुनिया अब इसे 'अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल' के नाम से पहचानने लगी है।
कलाकेंद्र के प्रबंध निदेशक मदन राभा ने दी जानकारी
2 of 5
अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
साल पेड़ों का झुरमुट और शून्य-कार्बन बाडुंगडुप्पा कलाकेंद्र के प्रबंध निदेशक मदन राभा ने अमर उजाला से कहा, आज से हमारा तीन दिवसीय 'अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल' शुरू हो रहा है। अपने पर्याकरण-अनुकूल लोकाचार और अंतरराष्ट्रीय ख्याति के लिए जाना जाने वाला यह महोत्सव 15 से 17 दिसंबर तक चलेगा। आज तक जिनता मैंने देखा और जाना है, इस तरह का कोई रंगमंच देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के किसी देश में नहीं सजता। जो अरण्य के अंदर, साल पेड़ों के नीचे, प्रकृति की गोद में सजता हो।
शून्य-कार्बन- फुटप्रिंट दृष्टिकोण फेस्टिवल की पहचान
3 of 5
अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
विगत 25 वर्षों से इसी तरह से नाटक को जीवित रखने की कोशिश कर रहे हैं। स्व. शुक्राचार्य राभा द्वारा 1998 में स्मापित, बाडुंगडुप्पा कलाकेंद्र कला और प्रकृति के सह-अस्तित्व में अग्रणी रहा है। साल वृक्षों के जंगल में होने वाला फेस्टिवल अपने शून्य-कार्बन- फुटप्रिंट दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। बांस और पुआल पर बैठने से लेकर माइक्रोफोन के बिना प्रदर्शन तक, इस आयोजन का हर पहलू स्थिरता के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चार भाषाओं में चार नाटकों का होगा मंचन
4 of 5
अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
इस बार महोत्सव में चार अलग-अलग भाषाओं में नाटक दिखाए जाएंगे, जिसमें भारत के विभिन्न हिस्सों से थिएटर ग्रुप को आमंत्रित किया गया है। समारोह का उद्घाटन प्रसिद्ध चित्रकार रबीराम ब्रह्म आज करेंगे। इसके बाद धनंजय राभा द्वारा निर्देशित और मदन राभा द्वारा लिखित ददन राजा (राभा) का मंचन होगा। दोपहर में, पवित्र राभा द्वारा निर्देशित और दापोन मिरर द्वारा प्रस्तुत मोंगली (बोडो) का मंचन किया जाएगा। 16 दिसंबर को चेन्नई के पर्व थिएटा के राजीव कृष्णन द्वारा निर्देशित तमिल नाटक किंधन चरितम का दर्शक लुत्फ उठाएंगे। उसके बाद कोलकाता के अनुचितन कला केंद्र के डॉ गौरव दास द्वारा निर्देशित किसान राज (हिंदी) का गवाह बनेंगे नाटक प्रेमी। अंतिम दिन, राभा लोक प्रदर्शन के साथ और कलाकेंद्र की 25 साल को यात्रा पर विचार-विमर्श के लिए एक खुले सत्र के साथ यह तीन दिवसीय नाट्य यात्रा समाप्त होगा।
विज्ञापन
कलात्माक आदान-प्रदान को मिला बढ़ावाः मदन
5 of 5
अंडर द साल ट्री थिएटर फेस्टिवल
- फोटो : अमर उजाला
मदन राभा ने कहा, यह मारा रजत जयंती वर्ष है और 15वां संस्करण है। कलाकेंद्र की पहचान वैश्विक स्तर पर हो रही है। पिछले वर्षों में हमारे फेस्टिवल में पोलैंड, ब्राजील, बांग्लादेश, श्रीलंका और दक्षिण कोरिया तक के थियेटर ग्रुप आकर प्रस्तुति दे चुके हैं। निश्चित रूप से कलात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल रहा है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।