दीपावली में अभी 15 दिनों से अधिक का समय शेष है, हालांकि इससे पहले ही दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब होने लगा है। हालिया रिपोर्ट में हमने बताया कि हवा की गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एहतियाती तौर पर राजधानी क्षेत्र में स्थिति को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए पहले से ही 'ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान' (ग्रैप) के पहले चरण को लागू कर दिया है।
वायु प्रदूषण: हवा में बढ़ रहा है प्रदूषण, आप भी तो नहीं हो गए शिकार? ऐसी दिक्कतें हैं तो तुरंत हो जाएं अलर्ट
Air Pollution Symptoms: वायु प्रदूषण से आंखों में जलन, पानी आने, गले में खराश, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को सिरदर्द भी महसूस होता है, हालांकि इसके दूसरे कारण भी हो सकते हैं। यदि समस्या बार-बार हो रही है तो एक्यूआई देखें और प्रदूषण में बाहर निकलने से बचें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वायु प्रदूषण आंखों में जलन और सिरदर्द से लेकर फेफड़ों-हार्ट और कई बार आपकी हड्डियों और जोड़ों के लिए भी मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है। दिल्ली जैसी जगहों पर जहां सर्दियों में एक्यूआई काफी खराब हो जाता है, ऐसे में सावधानी बरतना और जरूरी है। कुछ लक्षणों के बार-बार होने का मतलब आपको बचाव की जरूरत है।
आंखों में जलन और पानी आना
- वायु प्रदूषण में मौजूद बारीक कण और ओजोन आंखों की सतह को प्रभावित कर सकते हैं। इससे आंखों में जलन, लालिमा, खुजली और पानी आने की समस्या हो सकती है।
- धूल-धुएं के संपर्क में आने पर परेशानी बढ़े, तो सावधान रहें। आंखों को साफ पानी से धोएं, रगड़ने से बचें और बाहर निकलते समय चश्मा पहनें।
सिरदर्द और भारीपन
- प्रदूषित हवा के संपर्क में रहने के दौरान कुछ लोगों को सिरदर्द, थकान या बेचैनी महसूस हो सकती है। हालांकि सिरदर्द के अन्य कारणों जैसे पानी की कमी, तनाव, नींद पूरी न होने और माइग्रेन की वजह से भी हो सकती है। अगर आपको भी बाहर रहने पर सिरदर्द होता और साफ वातावरण में आने पर राहत मिलती है, तो वायु गुणवत्ता पर ध्यान दें।
खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी
- पीएम 2.5 और पीएम10 जैसे प्रदूषक कण सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। इनके संपर्क से खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अस्थमा और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
खराब हवा से बचने के लिए क्या करें?
सभी लोगों को खराब और प्रदूषित हवा से बचने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
- बाहर निकलने से पहले अपने इलाके का एयर क्वालिटी इंडेक्स चेक करें।
- प्रदूषण बढ़ने पर बाहर व्यायाम करने और ट्रैफिक में ज्यादा समय बिताने से बचें।
- जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें। यह बारीक कणों से बचाव में मदद करता है।
- घर में धूल कम रखें और आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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