लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी को दुनियाभर में तेजी से बढ़ती बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता रहा है। मोटापा से लेकर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों के लिए इसे जिम्मेदार माना जाता रहा है। पर क्या आप जानते हैं कि कई बार बीमारियों का कारण खराब लाइफस्टाइल नहीं बल्कि खुद शरीर ही हो सकता है? इस तरह की बीमारियों को ऑटोइम्यून डिजीज कहा जाता है।
ऑटोइम्यून बीमारी: लाइफस्टाइल ही नहीं, शरीर की गलती से भी हो सकती है बीमारियां; कब हो जाएं सावधान?
लगातार थकान, जोड़ों में दर्द, अकड़न और कुछ मामलों में बाल झड़ना ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़े लक्षण हो सकते हैं। लेकिन ये संकेत कई दूसरी समस्याओं में भी दिखाई देते हैं। इसलिए केवल एक लक्षण के आधार पर बीमारी न मानें। लक्षण लंबे समय तक रहें तो डॉक्टर से जांच कराएं।
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ऑटोइम्यून बीमारियों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, दिनभर काम करने के बाद थकान होना सामान्य है। मौसम बदलने पर शरीर में दर्द भी हो सकता है और तनाव या खानपान की वजह से बाल भी झड़ सकते हैं। लेकिन अगर यही परेशानियां बार-बार लौट रही हो या लंबे समय से बनी हुई हों तो इन्हें सिर्फ सामान्य कमजोरी मानकर इग्नोर नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों ये ऑटोइम्यून बीमारी से जुड़े संकेत भी हो सकते हैं।
- ऑटोइम्यून बीमारियों के कई प्रकार की होती है। रूमेटाइड आर्थराइटिस मुख्य रूप से जोड़ों को प्रभावित करती है।
- जबकि ल्यूपस शरीर के कई हिस्सों जैसे त्वचा, जोड़ों, किडनी, फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है।
- एलोपेसिया एरियाटा में प्रतिरक्षा प्रणाली बालों के रोम को अटैक करती है जिससे बाल झड़ने लग जाते हैं।
बार-बार थकान होना कौन सी समस्या?
लगातार थकान बने रहना ऑटोइम्यून बीमारियों का आम लक्षण हो सकता है। इसके साथ जोड़ों में दर्द या अकड़न, मांसपेशियों में दर्द हल्का बुखार, त्वचा पर दाने और दूसरे लक्षण भी हो सकते हैं।
- डॉक्टर कहते हैं, वैसे तो थकान होना बहुत सामान्य लक्षण है। आमतौर पर इसके पीछे नींद की कमी से लेकर एनीमिया, संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
- हालांकि अगर थकान लंबे समय तक बनी रहे, रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगे और इसके साथ जोड़ों का दर्द, सूजन, बार-बार हल्का बुखार भी हो तो आपको डॉक्टर की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
जोड़ों में दर्द की समस्या
जोड़ों में दर्द बहुत सामान्य समस्या है, लेकिन कई ऑटोइम्यून बीमारियों में भी जोड़ों का दर्द, सूजन और अकड़न हो सकती है।
रूमेटाइड आर्थराइटिस इसका एक उदाहरण है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही स्वस्थ ऊतकों और जोड़ों की परत पर अटैक कर देती है, जिससे जोड़ों में गंभीर दर्द, सूजन और अकड़न पैदा होती है। अगर दर्द बार-बार लौट रहा है, जोड़ों में सूजन दिखाई दे रही है या अकड़न के साथ थकान भी रहती है, तो इसे केवल उम्र, शरीर की ज्यादा मेहनत या सामान्य कमजोरी मानकर टालना सही नहीं है।
बालों के झड़ने की समस्या
आमतौर पर बाल झड़ने के लिए तनाव, पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव जैसी स्थितियों को जिम्मेदार माना जाता है। पर एलोपेसिया एरिटा जैसी ऑटोइम्यून बीमारी भी इसका कारण हो सकती है। इसमें प्रतिरक्षा प्रणाली बालों के रोम पर अटैक करती है जिससे सिर या शरीर के दूसरे हिस्सों में बाल गोल या पैच के रूप में झड़ने लगते सकते हैं।
कुछ लोगों में ऑटोइम्यून बीमारी के साथ त्वचा पर दाने, जोड़ों में दर्द, थकान या बुखार जैसे दूसरे लक्षण भी हो सकते हैं। इसलिए अगर बाल अचानक असामान्य तरीके से झड़ने लगे हों तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से तुरंत जांच कराएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।