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हेल्थ अलर्ट: 90 हजार से ज्यादा संक्रमित और 281 मौतें, पड़ोसी देश में डेंगू का कहर

Thu, 08 Oct 2026 03:02 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Thu, 08 Oct 2026 03:02 PM IST
सार

Dengue Alert: बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप गंभीर होता जा रहा है। इस साल अब तक 90,350 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती और 281 मौतें हो चुकी हैं। यहां डेंगू के चारों सीरोटाइप सक्रिय हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक देर से पहचान और बार-बार संक्रमण गंभीर मामलों का खतरा बढ़ा सकते हैं।

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Bangladesh Severe Dengue Outbreak more than 90000 people have been hospitalised and 281 deaths this year
डेंगू की समस्या के बारे में जानिए - फोटो : Amarujala.com/AI

मानसून और इसके बाद के कुछ महीने मच्छर जनित बीमारियों को लेकर सबसे ज्यादा खतरे वाले माने जाते रहे हैं। हर साल देश में अगस्त से लेकर अक्तूबर तक डेंगू-मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का बढ़ा हुआ बोझ देखा जाता रहा है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों से लगातार डेंगू को लेकर खबरें सामने आती रही हैं। इसी बीच पड़ोसी देश बांग्लादेश में डेंगू के गंभीर प्रकोप को लेकर अलर्ट किया जा रहा है।



बांग्लादेश पहले से ही खसरे के गंभीर प्रकोप से जूझ रहा है। इसी बीच देश अब डेंगू के भी सबसे खराब दौर में से एक का सामना कर रहा है। मसलन बांग्लादेश में इस समय एक साथ दो संक्रामक बीमारियां चिंता बढ़ा रही हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस साल अब तक बांग्लादेश में डेंग के 90 हजार से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचना पड़ा है और 281 लोगों की मौत हो चुकी है। अक्तूबर में ये चिंता और भी बढ़ती देखी जा रही है।

डेंगू की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ बढ़ते मामले नहीं हैं, बल्कि बीमारी की देर से पहचान भी है। एक समीक्षा में सामने आया कि डेंगू से जान गंवाने वाले एक तिहाई से ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंचने के 24 घंटे के भीतर ही मौत का शिकार हो गए। कई मरीजों में बीमारी की पहचान होने में तीन दिन या उससे ज्यादा की देरी हुई।

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Bangladesh Severe Dengue Outbreak more than 90000 people have been hospitalised and 281 deaths this year
डेंगू का खतरनाक प्रकोप - फोटो : Amarujala.com/AI

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार बांग्लादेश में  इस बार स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यहां डेंगू वायरस के चारों सेरोटाइप एक्टिव हैं। इसका मतलब है कि पहले डेंगू का शिकार रह चुके मरीजों को भी आगे संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। एक से अधिक बार होने वाला संक्रमण कुछ मामलों में ज्यादा गंभीर हो सकता है।

खबरों के मुताबिक अकेले अक्तूबर में ही यहां 10,736 लोग अस्पताल में भर्ती हुए और 36 लोगों की मौत हुई। इससे चिंता बढ़ गई है कि आने वाले दिनों में डेंगू का प्रकोप और गंभीर हो सकता है।

डेंगू से मौतों का आंकड़ा

डेंगू से अब तक हुई 281 मौतें बांग्लादेश में सालाना मौतों के हिसाब से चौथा सबसे बड़ा आंकड़ा है। बांग्लादेश में वर्ष 2000 में पहला बड़ा डेंगू प्रकोप सामने आया था। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज के मुताबिक, देश में डेंगू से सबसे ज्यादा मौतें 2023 में हुई थीं। उस साल 1,705 लोगों की जान गई थी।
 

संक्रामक बीमारियों पर नजर रखने और उनकी जांच से जुड़ी संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी डिजीज कंट्रोल एंड रिसर्च यानी आईईडीसीआर ने डेंगू से हुई मौतों की समीक्षा  की।
 

  • आईईडीसीआर के निदेशक प्रोफेसर क्वाजी अहमद जाकी के नेतृत्व में हुई इस समीक्षा में 119 मौतों का अध्ययन किया गया।
  • इसमें सामने आया कि डेंगू से जान गंवाने वाले एक तिहाई से ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती होने के 24 घंटे के भीतर ही मर गए।
  • कई मरीजों में डेंगू की सही पहचान होने में भी देरी हुई। कई मामलों में बीमारी का पता चलने से पहले कम से कम तीन दिन की देरी हुई थी। 
Bangladesh Severe Dengue Outbreak more than 90000 people have been hospitalised and 281 deaths this year
डेंगू और इसके खतरे - फोटो : Freepik.com

डेंगू के चारों का सेरोटाइप एक्टिव होना और चिंताजनक

मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. एबीएम अब्दुल्ला कहते हैं,, बार-बार डेंगू संक्रमण होना और बीमारी की पहचान में देरी होना गंभीर मामलों और मौतों की बड़ी वजह बन रही है। जिन लोगों को पहले डेंगू हो चुका है, उनमें अगली बार संक्रमण होने पर बीमारी गंभीर होने का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा देश में डेंगू के चारों सेरोटाइप एक्टिव हैं, जिससे चिंता और बढ़ रही है।

डेंगू वायरस के चार मुख्य सेरोटाइप होते हैं- डेनवी-1, डेनवी-2,डेनवी-3,डेनवी-4। 

दूसरी बार डेंगू होना और खतरनाक

मेडिकल विशेषज्ञ के मुताबिक जब किसी को पहली बार डेंगू होता है, तो कई बार उसे पता ही नहीं चलता कि वह संक्रमित है। ऐसे में डेंगू के लक्षणों को फ्लू या किसी दूसरी सामान्य बीमारी का असर समझा जा सकता है और बिना किसी गंभीर परेशानी के ठीक भी हो सकता है। लेकिन बाद में होने वाला डेंगू संक्रमण ज्यादा गंभीर हो सकता है।
 

  • दूसरी, तीसरी या चौथी बार डेंगू संक्रमण होने से गंभीरता बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • फिलहाल सरकार डेंगू के खतरे को कम करने के लिए लगातार उपाय कर रही है, साथ ही लोगों को भी डेंगू से बचाव करते रहने की सलाह दी गई है।




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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