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विश्व गठिया दिवस: सुबह की अकड़न से लेकर जोड़ों की सूजन तक, गठिया के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
Thu, 08 Oct 2026 03:34 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 08 Oct 2026 03:34 PM IST
सार
World Arthritis Day: इस लेख में जानें कि सुबह उठते ही जोड़ों में दर्द और अकड़न क्यों होती है, गठिया के शुरुआती संकेत कौन-से हैं और कब डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
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गठिया के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- फोटो : AI
World Arthritis Day : सुबह उठते ही घुटनों, हाथों, कंधों या कमर के जोड़ों में दर्द और अकड़न महसूस होना कई लोगों के लिए आम समस्या हो सकती है। लेकिन अगर यह परेशानी बार-बार हो, लंबे समय तक बनी रहे या रोजमर्रा के काम प्रभावित करने लगे, तो इसे सिर्फ उम्र बढ़ने का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार बनी रहने वाली ये परेशानियां गठिया का संकेत हो सकते हैं।
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गठिया के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- फोटो : Adobe Stock
ये हैं इसके शुरुआती लक्षण
सुबह जोड़ों में अकड़न
सुबह उठने के बाद जोड़ों में लंबे समय तक अकड़न रहना गठिया का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। खासकर अगर यह समस्या बार-बार होती है और चलने-फिरने के बाद भी आसानी से ठीक नहीं होती। रूमेटाइड आर्थराइटिस में सुबह की अकड़न लंबे समय तक रह सकती है।
लगातार जोड़ों में दर्द
घुटने, उंगलियों, कलाई, कंधे, टखने या पैरों के जोड़ों में बार-बार दर्द होना भी ध्यान देने योग्य है। हालांकि हर तरह का जोड़ों का दर्द गठिया नहीं होता, इसलिए लगातार रहने वाले दर्द का कारण जानना जरूरी है।
सुबह जोड़ों में अकड़न
सुबह उठने के बाद जोड़ों में लंबे समय तक अकड़न रहना गठिया का एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। खासकर अगर यह समस्या बार-बार होती है और चलने-फिरने के बाद भी आसानी से ठीक नहीं होती। रूमेटाइड आर्थराइटिस में सुबह की अकड़न लंबे समय तक रह सकती है।
लगातार जोड़ों में दर्द
घुटने, उंगलियों, कलाई, कंधे, टखने या पैरों के जोड़ों में बार-बार दर्द होना भी ध्यान देने योग्य है। हालांकि हर तरह का जोड़ों का दर्द गठिया नहीं होता, इसलिए लगातार रहने वाले दर्द का कारण जानना जरूरी है।
गठिया के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- फोटो : Adobe Stock
जोड़ों में सूजन और गर्माहट
अगर किसी जोड़ के आसपास सूजन, लालिमा या गर्माहट महसूस होती है, तो यह सूजन या इंफ्लेमेशन का संकेत हो सकता है। ऐसी समस्या बार-बार होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
चलने-फिरने में परेशानी
जोड़ों को मोड़ने, सीढ़ियां चढ़ने, चलने या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होना भी गठिया से जुड़ा संकेत हो सकता है। घुटनों में समस्या होने पर उठने-बैठने में भी परेशानी महसूस हो सकती है।
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गठिया के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- फोटो : Adobe Stock
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर जोड़ों का दर्द, सूजन या अकड़न लगातार बनी रहती है या बार-बार इसकी समस्या होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। गठिया के प्रकार की पुष्टि लक्षणों, शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट या एक्स-रे जैसी जांचों से की जा सकती है।
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गठिया के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
- फोटो : Adobe Stock
जोड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि, वजन को स्वस्थ सीमा में रखना और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव से बचना फायदेमंद हो सकता है। गठिया होने पर भी पूरी तरह शारीरिक गतिविधि बंद करना सही नहीं माना जाता। व्यक्ति की स्थिति के अनुसार वॉकिंग, तैराकी या दूसरी लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज की जा सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि, वजन को स्वस्थ सीमा में रखना और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव से बचना फायदेमंद हो सकता है। गठिया होने पर भी पूरी तरह शारीरिक गतिविधि बंद करना सही नहीं माना जाता। व्यक्ति की स्थिति के अनुसार वॉकिंग, तैराकी या दूसरी लो-इंपैक्ट एक्सरसाइज की जा सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।