Eye Infection Symptoms: सुबह नींद खुलते ही आंखों में थकान महसूस होना, मोबाइल या लैपटॉप पर काम करते हुए जलन बढ़ना और बाहर से लौटने पर आंखों का लाल हो जाना, क्या आपने भी इन परेशानियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा मान लिया है? आज की डिजिटल जिंदगी में स्क्रीन टाइम बढ़ने से आंखों पर दबाव पड़ना आम है, लेकिन हर बार इसके लिए मोबाइल या कंप्यूटर ही जिम्मेदार नहीं होता। कई बार आंखों का सूखापन, एलर्जी, संक्रमण, गलत चश्मा या कुछ दवाएं भी इन समस्याओं की वजह बन सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि आंखों के संकेतों को समझें और समय रहते उनकी देखभाल करें।
आंखों का सूखापन : नमी घटे तो बढ़ती है चुभन
आंखों में दर्द, खुजली और चुभन की आम वजहों में आई ड्राइनेस शामिल है। आंखों की सतह पर आंसुओं की पतली परत उन्हें नम और सुरक्षित रखती है। आंसू कम बनने या जल्दी सूखने पर परेशानी होती है। पलकों की तेल ग्रंथियां बंद होने से भी यह समस्या बढ़ सकती है। मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलाव, थायरॉयड, विटामिन ए की कमी और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां इसके कारण हो सकते हैं। नियमित आंखों की जांच जरूरी है।
एलर्जी या संक्रमण : लाल आंखों को न करें नजरअंदाज
धूल, फूलों के परागकण और पालतू जानवरों के बाल आंखों में एलर्जी पैदा करते हैं। इससे तेज खुजली, जलन, लालिमा और लगातार पानी आने की समस्या होती है, जो मौसम बदलने पर बढ़ सकती है। वहीं, बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण में भी आंखें लाल होने के साथ पानी आना, चुभन और जलन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में आंखों को बार-बार छूने या रगड़ने से बचें और डॉक्टर से संपर्क करें।
गलत चश्मा, कॉन्टैक्ट लेंस और दवाएं भी जिम्मेदार
पुराने या गलत नंबर के चश्मे से आंखों पर जोर पड़ने के कारण थकान और सिरदर्द हो सकता है। लंबे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने या सफाई में लापरवाही से ड्राइनेस और खुजली बढ़ सकती है। कुछ एलर्जी, डिप्रेशन और हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं भी आंखों में सूखापन पैदा कर सकती हैं। नींद की कमी, स्मोकिंग और खराब क्वालिटी के आई-मेकअप से परेशानी बढ़ती है। इसलिए आंखों की उचित देखभाल करें।
सही खानपान और स्वस्थ आदतें रखेंगी आंखों का ख्याल
आंखों की सेहत बनाए रखने के लिए डाइट में विटामिन ए और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। गाजर और पपीता विटामिन ए के अच्छे स्रोत हैं, जबकि अखरोट और अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रदान करते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां भी आंखों के लिए उपयोगी हैं।
विशेषज्ञ की राय : स्वस्थ आदतें अपनाएं
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग नरूला बताते हैं कि आंखों को स्वस्थ रखने के लिए रोज पर्याप्त पानी पीएं और सोते समय चेहरे को सीधे एसी या पंखे की हवा से बचाएं। दिन में दो बार साफ ठंडे पानी से आंखें धोएं और गंदे हाथों से आंखें न रगड़ें। तेज धूप व धूल से बचने के लिए यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लास पहनें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं। पढ़ते या बारीक काम करते समय पर्याप्त रोशनी रखें। सबसे जरूरी बात, आंखों में दर्द, जलन, खुजली, सूजन, लालिमा या असामान्य स्राव होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।