लाइफस्टाइल और खानपान की गड़बड़ी ने हमारी सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इसका हड्डियों की सेहत पर भी नकारात्मक असर देखा जा रहा है। लिहाजा कम उम्र के लोगों में जोड़ों में दर्द, हड्डियों की कमजोरी सहित कई अन्य तरह की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
Bone Problem: इस बीमारी के कारण बस करवट बदलने या खांसने से भी टूट सकती हैं हड्डियां, आपको भी तो नहीं है खतरा?
हमारी हड्डियां हर 10 साल में खुद को नया बनाती हैं, लेकिन 30 की उम्र के बाद हर साल 1% हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिले, कैल्शियम की मात्रा कम हो तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
ऑस्टियोपोरोसिस और इसका जोखिम
हेल्थ रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ऑस्टियोपोरोसिस एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य संकट है, जो 200 मिलियन (20 करोड़) से अधिक लोगों को प्रभावित करता है। इतना ही नहीं इसके कारण हर साल 90 लाख से अधिक फ्रैक्चर होते हैं। 50 वर्ष से अधिक आयु की हर तीन में से एक महिला और हर पांच में से एक पुरुष में इसका खतरा देखा जा रहा है।
- ऑस्टियोपोरोसिस धीरे-धीरे आपकी हड्डियों को कमजोर करता जाता है। इससे आपको बिना पता चले ही आपकी हड्डियां टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
- अगर आपकी उम्र 65 साल से ज्यादा है या आपके परिवार में किसी को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या रही है, तो खतरा और भी ज्यादा हो सकता है।
- वैसे तो 50 से कम उम्र के लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या होना दुर्लभ है, पर खराब लाइफस्टाइल इसके खतरे को बढ़ाती जा रही है।
भारत में बढ़ सकता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हड्डियां भी हमारे शरीर के किसी दूसरे हिस्से की तरह ही जीवित ऊतक हैं। लगभग 30 साल की उम्र तक, हमारा शरीर स्वाभाविक रूप से जितनी मात्रा में हड्डियां खोता है, उससे ज्यादा बनाता है।
35 साल की उम्र के बाद हड्डियों के क्षरण की गति तो थोड़ी बढ़ जाती है पर शरीर द्वारा उन्हें बदलने की गति से कम हो जाती है। इसकी वजह से हड्डियों की डेंसिटी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
भारत जैसे देशों में तो कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। ऐसे में यहां हड्डियों की समस्याएं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी का खतरा और अधिक हो सकता है।
क्यों कमजोर होती जा रही हैं हड्डियां?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, युवाओं में आउटडोर गतिविधियों की कमी और स्क्रीन टाइम बढ़ने के कारण शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती, जिससे विटामिन-डी का स्तर घटता है। विटामिन-डी हमारे शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है।
- इसके अलावा जंक फूड, सॉफ्ट ड्रिंक और प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन शरीर में पोषक तत्वों की कमी पैदा करता है।
- नमक और कैफीन की अधिकता भी कैल्शियम की कमी का कारण बनती है।
- कई युवा वजन घटाने के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के डाइटिंग करते हैं, जिससे जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
- नियमित व्यायाम की कमी भी हड्डियों की सेहत के लिए जोखिम बढ़ा देती है।
- धूम्रपान और शराब के सेवन की आदत बढ़ती उम्र, हार्मोनल बदलाव और आनुवंशिक कारण भी हड्डियों को कमजोर करने वाले हो सकते हैं।
करवट लेने से टूट गई हड्डी
पिछले साल चीन में 48 साल की महिला की हड्डी सिर्फ बिस्तर पर करवट लेने से टूट गई। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला को विटामिन डी की गंभीर कमी थी, जिससे उसकी हड्डियां बेहद कमजोर हो गई थीं। महिला बचपन से ही धूप से बचती थी, वह कभी आधी बांह की शर्ट नहीं पहनती थी और बाहर निकलने से पहले हमेशा सनस्क्रीन लगाती थी। इससे शरीर में विटामिन-डी और कैल्शियम की गंभीर कमी हो गई थी, जिसके चलते उसे ऑस्टियोपोरोसिस हो गया था।
ग्वांगझो मेडिकल यूनिवर्सिटी के ऑर्थोपेडिक स्पाइन सर्जरी विभाग के डायरेक्टर जियांग शियाओबिंग ने बताया, कई लोग सिर से पांव तक खुद को ढककर धूप से बचते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक है। धूप से बचना जरूरी है, पर इतना भी नहीं कि आप नई मुसीबत को जन्म दे दें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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