बिगड़ती जीवनशैली और गलत खान-पान पाचन क्षमता को प्रभावित करता है। इस कारण कई तरह की शारीरिक समस्याएं हो सकती है। पाचन सिस्टम में गड़बड़ी के कारण लोगों में बवासीर की शिकायत होना आम समस्या है। हालांकि शर्मिंदगी और हिचक के कारण लोग बवासीर की समस्या का जिक्र नहीं कर पाते और न ही डॉक्टर की सलाह लेते हैं। ऐसे में यह समस्या गंभीर हो जाती है।
सावधान: बवासीर की समस्या बढ़ा सकती हैं आपकी ये गलतियां, आज ही बदलें खान-पान की आदतें
बवासीर यानी पाइल्स में गुदा के आसपास सूजन, दर्द, खुजली और मल त्याग के दौरान खून आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। फाइबर युक्त आहार, पर्याप्त पानी और नियमित शारीरिक गतिविधि कब्ज से राहत देने में मदद करते हैं। तीखे भोजन से परेशानी बढ़ सकती है।
बवासीर के बारे में जानिए
बवासीर मुख्य रूप से कब्ज से होने समस्या है, जिसमें गुदा क्षेत्र में बाहर और अंदर मस्से हो जाते हैं। जिसके कारण गंभीर दर्द और जलन होती है। मल त्याग के समय खून भी आ सकता है। बवासीर दो प्रकार की होती है
- पहली, खूनी बवासीर, जिसमें किसी तरह का दर्द नहीं होता, लेकिन मल त्याग के समय खून आता है।
- दूसरी, बादी बवासीर, जो पेट में गैस, कब्ज जैसी समस्या के कारण बनती है। इसमें जलन और खुजली होती रहती है।
बवासीर के लक्षण
- शौच के बाद पेट साफ न होने का एहसास होना।
- शौच के वक्त काफी ज्यादा दर्द होना।
- गुदा के आसपास सूजन रहना।
- खुजली और लालीपन आना।
- बार-बार मल त्यागने की इच्छा होना।
- गुदा के आसपास कठोर गांठ महसूस होना।
बवासीर रोगी क्या खाएं
विशेषज्ञ के मुताबिक, केवल मिर्च युक्त भोजन से बवासीर नहीं होता है। पाचन दुरुस्त न होने से पाइल्स की शिकायत होती है। इसलिए भोजन में फाइबर युक्त चीजों को शामिल करें। ताजी पत्तेदार सब्जियां, मोटे और साबुत अनाज, सलाद और फल आदि का सेवन करें। कम से कम 20-35 ग्राम फाइबर का होना जरूरी है। खूब पानी पीने की आदत डालें।
बवासीर रोगी किन चीजों से करें परहेज
अगर आप बवासीर की समस्या से परेशान है तो मिर्च युक्त तीखा भोजन से अधिक जलन और दर्द हो सकता है। इसलिए लाल या हरी दोनों ही मिर्च के सेवन से बचें। बाहर का जंक फूड, अधिक तैलीय भोजन करने से परहेज करें। राजमा, मसूर की दाल और बीन्स आदि का सेवन कम करें। यह बवासीर में परेशानी को बढ़ा सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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