हमारी सेहत के लिए जिन आदतों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे ज्यादा नुकसानदायक बताते हैं, स्मोकिंग उनमें से एक है। धूम्रपान को अध्ययनों में कई प्रकार की बीमारियों के लिए प्रमुख कारण पाया है। चिंताजनक बात ये है कि बड़ी संख्या में देश के युवाओं में स्मोकिंग की लत देखी जा रही है।
हेल्थ अलर्ट: इस आदत को कूल मानते हैं युवा, पर ये हार्ट और लंग्स को कर देती है डैमेज; आप भी हो जाएं सावधान
Smoking Effects On Young Aadults: कम उम्र में सिगरेट पीने की आदत निकोटीन की लत, फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग और कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है। कभी-कभार धूम्रपान करना भी सुरक्षित नहीं है। इसकी लत लगने पर डॉक्टर की मदद से इसे छोड़ने की कोशिश करनी चाहिए।
कम उम्र में सिगरेट की लत खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, धूम्रपान और तंबाकू किसी भी उम्र वालों की सेहत के लिए नुकसानदायक मानी जाती है, हालांकि कम उम्र में इसकी आदत जीवन की गुणवत्ता पर बुरा असर डाल सकती है।
सिगरेट में मौजूद निकोटीन एक नशीला पदार्थ है, जो दिमाग में ऐसे बदलाव करता है कि बार-बार सिगरेट पीने की इच्छा होने लगती है। युवाओं में यह आदत पढ़ाई, काम और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है। सिगरेट न मिलने पर बेचैनी, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में परेशानी भी हो सकती है।
- कम उम्र में स्मोकिंग शुरू करने से फेफड़ों के विकास और उनकी कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ सकता है। लगातार धूम्रपान करने से खांसी, बलगम और सांस फूलने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लंबे समय में इससे क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
हार्ट और फेफड़े हो सकते हैं कमजोर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैश्विक स्तर पर हार्ट और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा पहले से ही बढ़ता जा रहा है, ऐसे में सिगरेट पीने की आदत इसे और भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
- सिगरेट का धुआं रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और खून के थक्के बनने की आशंका बढ़ा सकता है। इससे आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा जा बढ़ता है।
- अध्ययनों से पता चलता है कि सिगरेट के धुएं में कैंसर पैदा करने वाले पदार्थ होते हैं। लंबे समय तक धूम्रपान करने से फेफड़ों के कैंसर के अलावा मुंह, गले और अन्य अंगों के कैंसर का खतरा भी बढ़ता है।
कभी-कभार सिगरेट पीना भी नुकसानदायक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि अक्सर लोग ये मान लेते हैं कि कभी-कभार स्मोकिंग करने से कोई खतरा नहीं होता।
दोस्तों के दबाव, तनाव या काम के ब्रेक के दौरान सिगरेट पीने की आदत धीरे-धीरे नियमित हो सकती है। सिगरेट की लत लगने के बाद इसे छोड़ पाना ज्यादातर लोगों के लिए कठिन हो जाता है जिससे ये आदत शरीर को अंदर ही अंदर खोखला बनाती जाती है। इसलिए सिगरेट पीना हमेशा नुकसानदायक है.
अच्छी बात ये है कि अध्ययनों में पाया गया है कि कभी भी सिगरेट छोड़ने से इससे होने वाले खतरे को कम किया जा सकता है। सिगरेट छोड़ने के लिए विशेषज्ञों की मदद भी ले सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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