PM Modi Birthday 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। आज उनके जन्मदिन के मौके पर देशभर में उनसे जुड़े अलग-अलग पहलुओं की चर्चा हो रही है। राजनीति और सार्वजनिक जीवन से अलग उनकी जीवनशैली की एक आदत ऐसी है, जो उन्हें इस उम्र में भी उर्जावान बनाती है। वह अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, योग उनके शरीर और मन को मजबूत बनाने के साथ तेज रफ्तार दिनचर्या के बीच शांति बनाए रखने में मदद करता है।
पीएम मोदी का जन्मदिन: 76 की उम्र में भी फिट और एक्टिव हैं पीएम मोदी, सुबह योग की आदत से सीखें ये 7 बातें
PM Modi Fitness Secret: भारत को विश्व में योग गुरु का दर्जा दिलाने वाले प्रधानमंत्री मोदी की जीवनशैली में भी योग शामिल है। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी कौन से योगासन करते हैं, उनकी योग रूटीन कैसी है और आखिर सुबह योग करने से शरीर और दिमाग को क्या फायदे मिल सकते हैं?
पीएम मोदी का योग रूटीन क्या है?
प्रधानमंत्री की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जीवन परिचय में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि वह अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं। हालांकि, उनकी रोजाना की पूरी निजी दिनचर्या में कितने मिनट कौन-सा आसन या कौन-सी कसरत करते हैं, इसकी विस्तृत आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं है।
प्रधानमंत्री योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं मानते। 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उन्होंने इसे चेतना, जीवन-शक्ति और आंतरिक ऊर्जा से जोड़ते हुए कहा कि योग जीवन के हर पड़ाव को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
पीएम मोदी कौन-कौन से योग करते हैं?
प्रधानमंत्री अलग-अलग मौकों पर योग और योगाभ्यास से जुड़े वीडियो और संदेश साझा करते रहे हैं। 2022 में उन्होंने आसनों के साथ श्वसन अभ्यासों को भी योग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था और इनके स्वास्थ्य लाभों की ओर ध्यान दिलाया था।
लेकिन किसी एक आसन की सूची को उनका रोजाना का निजी अभ्यास बताने के लिए पर्याप्त आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए यदि आप सुबह योग शुरू कर रहे हैं तो किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की सलाह से अपनी उम्र, शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार आसनों का चुनाव करें।
76 की उम्र में फिटनेस के लिए पीएम मोदी का क्या है फोकस?
प्रधानमंत्री की फिटनेस में योग की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। 2026 के योग दिवस पर उन्होंने 'स्वस्थ बुजुर्ग जीवन के लिए योग' की थीम का उल्लेख करते हुए कहा कि उम्र बढ़ने का मतलब मानव क्षमता का कम होना नहीं होना चाहिए। उन्होंने नियमित योग को शरीर को मजबूत, मन को शांत और जीवन में आत्म-जागरूकता बढ़ाने वाली आदत के रूप में बताया।
इसलिए उनकी फिटनेस को केवल 'वर्कआउट' के नजरिए से देखना अधूरा होगा। उनके सार्वजनिक संदेशों में योग, संतुलित जीवनशैली, नियमित अभ्यास और मानसिक संतुलन पर जोर दिखाई देता है।
सुबह योगाभ्यास के शरीर और दिमाग पर 7 फायदे
1. शरीर में लचीलापन बढ़ाने में मदद
सुबह किए जाने वाले योगाभ्यास शरीर को धीरे-धीरे सक्रिय करने में मदद कर सकते हैं। नियमित अभ्यास से शरीर के अलग-अलग हिस्सों की गतिशीलता और लचीलेपन को बेहतर बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
2. दिन की शुरुआत ऊर्जा के साथ
सुबह योग करने से शरीर में हलचल शुरू होती है और लंबे समय तक बैठे रहने वाली जीवनशैली के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। नियमित शारीरिक गतिविधि दिनभर सक्रिय रहने की आदत बनाने में सहायक हो सकती है।
3. तनाव कम करने में मदद
योग में आसनों के साथ सांस पर ध्यान और नियंत्रित श्वसन अभ्यास भी शामिल होते हैं। प्रधानमंत्री ने भी आसनों के अलावा श्वसन अभ्यासों के स्वास्थ्य लाभों का जिक्र किया है। सुबह कुछ समय शांत होकर सांसों पर ध्यान देना दिन की शुरुआत को अधिक व्यवस्थित और शांत बना सकता है।
4. मानसिक एकाग्रता के लिए उपयोगी
योग केवल शरीर को मोड़ने या खींचने का अभ्यास नहीं है। इसमें शरीर, सांस और ध्यान के बीच तालमेल बनाया जाता है। नियमित अभ्यास व्यक्ति को अपने शरीर और मन के प्रति अधिक जागरूक बनाने में मदद कर सकता है।
5. लंबे समय तक सक्रिय रहने में मदद
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की गतिशीलता बनाए रखना महत्वपूर्ण हो जाता है। इस वर्ष योग दिवस पर प्रधानमंत्री ने योग को स्वस्थ और सक्रिय उम्र बढ़ने से जोड़ा और जीवन के अलग-अलग चरणों में ऊर्जा व लचीलापन बनाए रखने की बात कही।
6. नींद और दिनचर्या में संतुलन
योग आधारित जीवनशैली में केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि संतुलित खान-पान, गतिविधि और नींद को भी महत्व दिया जाता है। प्रधानमंत्री ने संतुलित खान-पान, गतिविधियों तथा नींद-जागने के संतुलन को स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ा था।
7. हेल्दी एजिंग में मददगार हो सकता है
योग को उम्र के किसी एक पड़ाव तक सीमित नहीं किया जा सकता। नियमित और सही तरीके से किया गया योग शरीर की गतिशीलता, मानसिक शांति और जीवनशैली में अनुशासन बनाए रखने में मदद कर सकता है। यही कारण है कि 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ही 'Yoga for Healthy Ageing' रखी गई थी।