नवरात्रि के नौ दिनों के बाद दशहरे का पर्व आता है। जिसे अच्छाई पर बुराई का प्रतीक माना जाता है। भगवान राम ने रावण का वध जिस दिन किया, उसे दशहरे के रूप में मनाया जाने लगा। इस दिन हर साल रावण का पुतला जलाकर त्योहार मनाया जाता है। दशहरे के कई दिन पहले से ही जगह-जगह राम लीला और भगवान राम की कथाओं का मंचन होता है। जिसे देखने लोग इकट्ठे होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक जगह ऐसी भी है, जहां रावण का पुतला नहीं जलाया जाता। दशहरे के दिन इस जगह पर पुतला जलाने की बजाय उसकी शोभायात्रा निकाली जाती है। तो चलिए जानें कौन सी है वो जगह।
Ravan Dahan: भारत का ऐसा शहर जहां नहीं होता रावण-दहन, करते हैं लोग पूजा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Fri, 30 Sep 2022 11:05 AM IST
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