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कांच का पुल देखने नहीं जाना पड़ेगा चीन, भारत के इस शहर में है बनाने की योजना

Tue, 11 Feb 2020 07:03 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Tue, 11 Feb 2020 07:03 AM IST
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first indian glass floor bridge built in rishikesh
- फोटो : Pixabay

उत्तराखंड का सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट डेस्टिनेशन ऋषिकेश गंगा के किनारे बसा बहुत ही खूबसूरत शहर है। शहर में बना ब्रिज लक्ष्मण झूले के बराबर में ही एक और ब्रिज बनने की योजना है। दरअसल, ऋषिकेश की पहचान रहे लक्ष्मण झूले को पिछले साल जुलाई में सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था। जिसके बाद इसके विकल्प के रूप में एक नए ब्रिज को बनाने की सरकार ने मंजूरी दी है।



 
first indian glass floor bridge built in rishikesh
- फोटो : social media

लक्ष्मण झूला पिछले 94 सालों से इस शहर की पहचान रहा है। अब यहां पर एक दूसरा ब्रिज बनाया जाएगा जो कांच का बना होगा। फर्श की सतह पर लगे कांच के ऊपर चलने वाले पर्यटकों को ऐसा लगेगा कि वो नदी की सतह पर सैर कर रहें हैं। जो देखने में बहुत ही अद्भुत भी लगेगा।


 
first indian glass floor bridge built in rishikesh
travel - फोटो : social media

उत्तराखंड के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने गुरुवार को बताया कि लक्ष्मण झूला के समानांतर बनने वाले नए ब्रिज की चौड़ाई 8 मीटर और लंबाई 132.3 मीटर होगी। इसमें कांच के दो फर्श होंगे। बीच में ढाई मीटर चौड़ी रोड बनाई जाएगी।


 
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first indian glass floor bridge built in rishikesh
- फोटो : Pixabay

जिसकी खास बात है कि इस पर दोपहिया जैसे हल्के वाहन आराम से आ जा सकेंगे। कांच की मोटाई साढ़े तीन इंच होगी और यह प्रति वर्गमीटर 750 किलो बोझ सह सकेगा। ब्रिज में इस्तेमाल होने वाले लोहे के खंभे और छड़ आम मटीरियल से ज्यादा मजबूत होंगे। पुल की लंबाई 132.3 मीटर होगी और दोनों किनारों पर सात फीट ऊंची रेलिंग लगेगी।



 
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first indian glass floor bridge built in rishikesh
- फोटो : social media

इस पुल के बारे में बताया गया कि इसे इतना मजबूत बनाया गया है कि कम से कम 150 साल तक चलेगा। इसको बनाने में लगने वाले लोहे के खंभों और छड़ों को सामान्य से कई गुना ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही अगर इसका ठीक से रखरखाव किया जाएगा तो डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा समय तक चलेगा।

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