उत्तराखंड का सबसे प्रसिद्ध टूरिस्ट डेस्टिनेशन ऋषिकेश गंगा के किनारे बसा बहुत ही खूबसूरत शहर है। शहर में बना ब्रिज लक्ष्मण झूले के बराबर में ही एक और ब्रिज बनने की योजना है। दरअसल, ऋषिकेश की पहचान रहे लक्ष्मण झूले को पिछले साल जुलाई में सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था। जिसके बाद इसके विकल्प के रूप में एक नए ब्रिज को बनाने की सरकार ने मंजूरी दी है।
कांच का पुल देखने नहीं जाना पड़ेगा चीन, भारत के इस शहर में है बनाने की योजना
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लक्ष्मण झूला पिछले 94 सालों से इस शहर की पहचान रहा है। अब यहां पर एक दूसरा ब्रिज बनाया जाएगा जो कांच का बना होगा। फर्श की सतह पर लगे कांच के ऊपर चलने वाले पर्यटकों को ऐसा लगेगा कि वो नदी की सतह पर सैर कर रहें हैं। जो देखने में बहुत ही अद्भुत भी लगेगा।
उत्तराखंड के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने गुरुवार को बताया कि लक्ष्मण झूला के समानांतर बनने वाले नए ब्रिज की चौड़ाई 8 मीटर और लंबाई 132.3 मीटर होगी। इसमें कांच के दो फर्श होंगे। बीच में ढाई मीटर चौड़ी रोड बनाई जाएगी।
जिसकी खास बात है कि इस पर दोपहिया जैसे हल्के वाहन आराम से आ जा सकेंगे। कांच की मोटाई साढ़े तीन इंच होगी और यह प्रति वर्गमीटर 750 किलो बोझ सह सकेगा। ब्रिज में इस्तेमाल होने वाले लोहे के खंभे और छड़ आम मटीरियल से ज्यादा मजबूत होंगे। पुल की लंबाई 132.3 मीटर होगी और दोनों किनारों पर सात फीट ऊंची रेलिंग लगेगी।
इस पुल के बारे में बताया गया कि इसे इतना मजबूत बनाया गया है कि कम से कम 150 साल तक चलेगा। इसको बनाने में लगने वाले लोहे के खंभों और छड़ों को सामान्य से कई गुना ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही अगर इसका ठीक से रखरखाव किया जाएगा तो डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा समय तक चलेगा।