कश्मीर की तुलना विश्व भर में जन्नत से की जाती है और हो भी क्यों न हसीन वादियां, शांत झील और बर्फ के चादर। इतना कुछ तो है कश्मीर में। कश्मीर के उत्तर में हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियां और दक्षिण में पीर पंजाल है। इसके अलावा श्रीनगर में पानी के झरने वाले कई बगीचे हैं जो पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। कश्मीर के ऑफबीट जगहों के बारे में आइए जानते हैं।
कश्मीर में सबसे अलग हैं ये जगहें, घूमने जाएं तो जरूर देखें इन्हें
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जीरो ब्रिज
कश्मीर में मौजूद जीरो ब्रिज को जोर ब्रिज भी कहा जाता है। कश्मीर में जोर का मतलब होता है बहरा और इस ब्रिज को एक बहरे कॉन्ट्रैक्टर ने ही बनाया था। ये कश्मीर के सबसे पुराने और शानदार ब्रिज में से एक है। जीरो ब्रिज झेलम नदी पर बना है। इस पुल पर व आसपास कई रेस्टोरेंट भी हैं जोकि पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। यहां के फूड कोर्ट में डाइनिंगटेबल, किचन, वॉशरुम और लॉन्ज जैसी सुविधा मिलेगी। अपनी सुविधा के अनुसार आप अपने लिए जगह चुन सकते हैं।
शरीका देवी मंदिर
इस मंदिर को देवी जगदम्बाशरीका भगवती के लिए बनवाया गया था। मां जगदम्बा को देवी दुर्गा के रूप में माना जाता है। मंदिर में स्थापित देवी मां की मूर्ति की 18 भुजाएं हैं। कश्मीरी पंडित इस मंदिर को बहुत पवित्र मानते हैं और यहां आने वाले श्रद्धालुओं का हर नवम कह कर स्वागत करते हैं। देवी मां के जन्मदिन पर चावलों को उबालकर उसमें हल्दी, नमक और तेल जालकर प्रसाद बनाया जाता है। इस व्यंजन को तहर छरावन कहते हैं। कश्मीर आने पर किसी और जगह को देखने से पहले मां भगवती के दर्शन करने चाहिए।
चश्में शाही या शाही स्प्रिंग
श्रीनगर में मुगल बगीचों की संख्या तीन है। इनमें से सबसे छोटा बगीचा चश्में शाही या शाही स्प्रिंग है जिसकी लंबाई 108 मीटर और चौड़ाई 38 मीटर है। इस जगह को 1632 इस्वी में मुगल बादशाह शाहजहां ने बनवाया था। इस झरने का नाम कश्मीर के महान संत रूपा भगवान ने दिया था। उन्हें साहिबी के नाम से बुलाया जाता है और इसी के तर्ज पर इस जगह को चश्मेंसाहिबी नाम मिला। ये बगीचा अपने ठंड व शुद्ध पानी के लिए मशहूर है।
रोजाबल
सूफी स्थल पीर दस्तगिर साहिब के निकट त्रिकोण आकार की घार पर स्थित है रोजबाल मंदिर। विदेशी पर्यटक इस मंदिर के बारे में जानने के लिए ज्यादा उत्सुक रहते हैं और अब तो पर्यटकों को इस मंदिर के बारे में भी व्याख्यान दिया जाता है।