Yoga to boost memory: क्या आपको छोटी-छोटी बातें याद रखने में परेशानी होती है? कभी किसी का नाम भूल जाना, जरूरी सामान रखकर उसकी जगह याद न रहना या कोई काम करने के बाद भी उसे भूल जाना आम अनुभव हो सकता है। हालांकि, अगर भूलने की समस्या बार-बार होने लगे, तो अपनी दिनचर्या और सेहत पर ध्यान देना जरूरी है।
योग टिप्स: भूलने की समस्या हो सकती है कम! रोज करें ये 5 योगासन, दिमाग रहेगा एक्टिव
Yoga For Mental Wellness: योग से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। नियमित सही तरीके से किए गये योगासन से एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और भूलने को समस्या भी कम होती है।
पद्मासन
पद्मासन ध्यान लगाने के लिए किया जाने वाला पारंपरिक योगासन है। इसमें स्थिर बैठकर सांस पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिससे मन को शांत करने और एकाग्रता का अभ्यास करने में मदद मिल सकती है।
कैसे करें अभ्यास
जमीन पर बैठकर पैरों को विपरीत जांघों पर रखें। रीढ़ सीधी रखें और हाथों को घुटनों पर टिकाएं। सहज सांस लेते हुए कुछ मिनट बैठें। यदि पद्मासन करने में परेशानी हो, तो सामान्य सुखासन में बैठ सकती हैं।
ताड़ासन
ताड़ासन शरीर का संतुलन सुधारने और सही मुद्रा का अभ्यास करने में मदद करता है। यह सीधे तौर पर याददाश्त बढ़ाने वाला प्रमाणित उपचार नहीं है, लेकिन नियमित शारीरिक गतिविधि के हिस्से के रूप में उपयोगी हो सकता है।
कैसे करें अभ्यास
सीधे खड़े हों, दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें। सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और चाहें तो एड़ियां उठाकर पंजों पर संतुलन बनाएं। कुछ सेकंड रुककर सामान्य स्थिति में लौट आएं।
वृक्षासन
वृक्षासन में शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए ध्यान केंद्रित करना पड़ता है। यह संतुलन और शारीरिक नियंत्रण का अभ्यास करने में सहायक है।
कैसे करें अभ्यास
सीधे खड़े होकर एक पैर का तलवा दूसरे पैर की जांघ या पिंडली पर रखें। इसे घुटने पर न टिकाएं। सामने किसी स्थिर बिंदु पर नजर रखें और सहज सांस लेते रहें। फिर दूसरी तरफ से अभ्यास करें। जरूरत पड़ने पर दीवार का सहारा लें।
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम में सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी गुनगुनाहट की जाती है। यह मन को शांत करने और तनाव कम करने में मदद कर सकता है। तनाव कम होने से ध्यान केंद्रित करना आसान हो सकता है।
कैसे करें अभ्यास
आराम से बैठें और आंखें बंद करें। नाक से सहज सांस लें और सांस छोड़ते समय हल्की गुनगुनाहट करें। शुरुआत में पांच बार अभ्यास करें। सांस को जबरन न रोकें।