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कितना कठोर है नाबालिगों के लिए बन रहा नया कानून, 10 बातें

Tue, 22 Dec 2015 12:51 PM IST
Updated Tue, 22 Dec 2015 12:51 PM IST
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कितना कठोर है नाबा‌लिगों के लिए बन रहा नया कानून, 10 बातें

10 points of juvenile justice bill

निर्भया के नाबालिग दोषी की रिहाई के बाद केंद्र सरकार पर किशोर न्याय बिल को पास कराने का दबाव बढ़ गया है। मंगलवार को राज्यसभा में ‌बिल पर फैसला हो सकता है। निर्भया के परिजनों ने इसे पास कराने का बीड़ा उठा लिया है। हालांकि संविधान के जानकार बिल के कई प्रावधानों पर सवाल उठा रहे हैं। प‌‌ढ़िए बिल की 10 महत्वपूर्ण बातें-

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ये बिल कानून बनने के बाद जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंडे प्रोटेक्‍शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्‍ट, 2000 का स्‍थान लेगा। बिल में प्रावधानों के अनुसार जघन्य अपराध की स्थिति में 16 से 18 साल के किशोर को प्रौढ़ अपराधी मानकर मुमदमा चलेगा।

कितना कठोर है नाबा‌लिगों के लिए बन रहा नया कानून, 10 बातें

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बिल में प्रावधान है कि देश के हर जिले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और चाइल्‍ड वेलफेयर कमेटी बनाई जाए।

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जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ये तय करेगा कि नाबालिग अपराधी को रिहैबिलीटेशन के ‌लिए भेजा जाए या प्रौढ़ अपराधी के रूप में मुकदमा चले।

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बच्चों के खिलाफ क्रूरता, उन्हें ड्रग देना, अपहरण या बिक्री के अपराधों सजा का प्रावधान किया गया है।

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