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अमेरिका भी डर गया था 'अग्नि' से, क्या है इसमें खास?

Wed, 21 Oct 2015 08:33 PM IST
Updated Wed, 21 Oct 2015 08:33 PM IST
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अमेरिका भी डर गया था 'अग्नि' से, क्या है इसमें ऐसा खास?

America and NATO wanted to stop AGNI missile program

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की आगामी किताब ‘एडवांटेज इंडिया : फ्रॉम चैलेंज टू अपॉर्च्यूनिटी’ में दावा किया गया है कि भारत पर अग्नि मिसाइल का परीक्षण टालने के लिए अमेरिका और नाटो का भारी दबाव था। 1989 में अग्नि मिसाइल के परीक्षण से कुछ ही घंटे पहले कलाम के पास तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कैबिनेट सचिव टीएन शेषन की हॉटलाइन कॉल आई थी।


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America and NATO wanted to stop AGNI missile program

शेषन ने कलाम को बताया कि अमेरिका और नाटो किसी भी मिसाइल का परीक्षण टालने के लिए दबाव बना रहे हैं। इस समय अग्नि की स्थिति क्या है? कलाम ने कुछ क्षणों तक सोचा और जवाब दिया कि अब परीक्षण टाला नहीं जा सकता है। बहुत देर हो गई है। खैर, शेषन ने हां कह दी और 22 मई 1989 को अग्नि का परीक्षण हुआ। आगे की तस्वीरों में देखें अग्नि मिसाइल और उसकी ताकत के बारे में।

अमेरिका भी डर गया था 'अग्नि' से, क्या है इसमें ऐसा खास?

America and NATO wanted to stop AGNI missile program

देश की रक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में सबसे पहले अग्नि 1 मिसाइल का सफल प्रयोग किया गया था।

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America and NATO wanted to stop AGNI missile program

यह एक मिडियम रेंज बैलेस्टिक मिसाइल है। जिसकी मारक क्षमता 700 से 1250 किमी तक है। जिसकी जद में पाकिस्तान के कुछ हिस्से आते हैं।

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America and NATO wanted to stop AGNI missile program

यह मिसाइल 1,000 किग्रा तक के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।

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