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सबमरीन हंटर्स, हवा से समंदर की निगहबानी करते हैं ये विमान
Wed, 20 Jan 2016 06:20 AM IST
Updated Wed, 20 Jan 2016 06:20 AM IST
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सबमरीन हंटर्स, हवा से समंदर की निगहबानी करते हैं ये विमान
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हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों की गतिविधियों पर निगाह रखने के लिए भारत ने सबमरीन हंटर्स 'पोसाइडन-8I' की तैनाती की है। जानिए क्या है इन सबमरीन हंटर्स की खूबियां--
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ये एयरक्राफ्ट एंटी-सबमरीन और एंटी-सरफेस वारफेयर को अंजाम देने में सक्षम हैं। लंबी दूरी पर समुद्री पेट्रोलिंग के मद्देनजर अंडमान-निकोबार द्वीप पर बने मिलिट्री बेस पर पोसाइडन-8I की तैनाती की पीछे अहम वजह इसकी मारक क्षमता है।
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इसकी ऑपरेटिंग रेंज 1,200 नॉटिकल माइल है। इस एयरक्राफ्ट की अधिकतम रफ्तार 907 किलोमीटर प्रति घंटा है। रडार से लैस ये एयरक्राफ्ट खुफिया और किसी भी तरह के जोखिमों से निपटने में सक्षम है। इसमें खतरनाक हारपून ब्लॉक-II मिसाइलें, MK-54 कम वजन वाले विध्वंसक मौजूद हैं।
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इसके साथ-साथ ये एयरक्राफ्ट रॉकेट और बारूदों से भी लैस हैं। ये किसी भी गंभीर स्थिति को भांपकर दुश्मन की पनडुब्बियों और युद्धपोतों पर हमला कर सकते हैं। ये एयरक्राफ्ट अमेरिकी कंपनी बोइंग ने तैयार किए हैं। इनका पहला सौदा साल 2009 में अमेरिकी कंपनी बोइंग से 2.1 बिलियन डॉलर में किया गया था, जिसमें 8 विमान खरीदे गए। जिन्हें हाल ही में नौसेना बेड़े में शामिल किया गया।
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इनकी तैनाती तमिलनाडु के अराक्कोनम स्थित आईएनएस रजाली नेवल एयर स्टेशन पर की गई। अभी चार और पोसाइडन-8I को शामिल करने की प्रक्रिया आखिरी दौर में है। पोर्ट ब्लेयर में इसकी तैनाती के जरिए भारतीय नेवी की योजना इसके आस-पास पूरे क्षेत्र पर नजर रखने की है।
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