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तस्वीरें: इतिहास बना गया देशी परिधान में पहला दीक्षांत
Tue, 23 Feb 2016 04:42 AM IST
Updated Tue, 23 Feb 2016 04:42 AM IST
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सोमवार का दिन गोरखपुर यूनिवर्सिटी के लिए खास था। इस दिन दीक्षांत समारोह का नया इतिहास जो लिखा जाना था। देशी परिधान में पहली बार होने वाले इस महा उत्सव का गवाह बनने के लिए सैकड़ों कदम यूनिवर्सिटी गेट की ओर बढ़े जा रहे थे। (डॉ. राकेश राय/अमर उजाला, गोरखपुर)
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10 बजते-बजते पूरा दीक्षांत पंडाल लोगों से भर गया। जैसे-जैसे समय बीता, लोगों की निगाहें मंच पर टिक गईं। तय दीर्घा में कंधे पर उत्तरीय डाले बैठे टॉपरों को तो एक-एक पल भारी पड़ रहा था। सभी के चेहरे पर राज्यपाल के हाथों गोल्ड मेडल हासिल करने की बेकरारी साफ महसूस की जा रही थी।
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पौने 11 बजे के करीब मंच से समारोह का संचालन कर रहीं प्रो. विपुला दुबे की आवाज गूंजी और उन्होंने मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह और राज्यपाल राम नाईक के शहर में पहुंचने की जानकारी दी तो सभी के चेहरे चमक उठे। मुख्य अतिथि के आने की सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी प्रशासन विद्वत परियात्रा तैयारी में जुट गया। पौने 12 बजे गृहमंत्री और राज्यपाल ने परिसर में पहुंचकर एनसीसी कैडेटों का गार्ड ऑफ ऑनर लेना शुरू किया तो इधर विद्वत परियात्रा शुरू हो गई।
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सबसे आगे प्रभारी रजिस्ट्रार डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह थे। उनके पीछे विद्या परिषद व कार्य परिषद के सदस्य तथा सभी संकायों के डीन। इनके बीच कुलपति प्रो. अशोक कुमार के साथ राज्यपाल राम नाईक व मुख्य अतिथि राजनाथ सिंह। डीन व कार्य परिषद सदस्यों समेत मुख्य अतिथि व राज्यपाल मंचासीन हुए।
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कुलगीत के बाद कुलपति ने राज्यपाल से समारोह को शुरू करने की अनुमति मांगी। उसके बाद कुलपति ने माइक संभाल लिया। यूनिवर्सिटी के इतिहास की चर्चा के साथ ही उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर भी बात की। इसके बाद शुरू हुआ पदक वितरण।
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