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थम जाएगी HMT की टिक-टिक, तस्वीरों में देखिए पीछे छूटा वक्त

Sat, 09 Jan 2016 09:49 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 09 Jan 2016 09:49 AM IST
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थम जाएगी HMT की टिक-टिक, तस्वीरों में देखिए पीछे छूटा वक्त

Government to shut final three HMT units, iconic brand bids farewell

‘देश की धड़कन’ थमने वाली है। दशकों से कलाई पर वक्त का अहसास कराने वाली एचएमटी की घड़ियां अब नहीं दिखेंगी। रोचक तस्वीरों इतिहास।


थम जाएगी HMT की टिक-टिक, तस्वीरों में देखिए पीछे छूटा वक्त

Government to shut final three HMT units, iconic brand bids farewell

28 जनवरी 1961 की तारीख वक्त के लिए खास है। इसी दिन उस समय के औद्योगिक मामलों के मंत्री मनुभाई शाह ने बैंगलुरु में हिंदुस्तान मशीन टूल्स के पहले कारखाने का उद्घाटन किया। तस्वीर में एचएमटी के मैनेजिंग डायरेक्टर एमके मथुला भी देखे जा सकते हैं।

थम जाएगी HMT की टिक-टिक, तस्वीरों में देखिए पीछे छूटा वक्त

Government to shut final three HMT units, iconic brand bids farewell

बैंगलुरु के पहले कारखाने में बनी पहली घड़ी देश के पहले प्रधानमंत्री की कलाई पर सजी।

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28 अक्टूबर 1971 में दूसरे कारखाने की बुनियाद रखी कंपनी के डायरेक्टर एसएम पाटिल ने रखी।

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कारखाने में काम करने वाले कर्मचारियों को जापानी एक्सपर्ट्स ने खास ट्रेनिंग दी थी।

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