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कबाड़ हो चुके विमानों के भरोसे एयरफोर्स, कैसे बनेंगे महाशक्ति?

Mon, 21 Dec 2015 05:17 PM IST
Updated Mon, 21 Dec 2015 05:17 PM IST
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कबाड़ हो चुके विमानों के भरोसे एयरफोर्स, कैसे बनेंगे महाशक्ति?

Indian air force have too old chopers and aircrafts, need to replace: CAG

सीएजी ने शुक्रवार को संसद में भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे विमानों और हेलिकॉप्टर पर एक रिपोर्ट पेश की जिसमें उनके पुराने हो जाने और उनके रखरखाव जैसे अहम मुद्दों से सदन को अवगत कराया। इसके अलावा पुरानी पड़ चुके विमानों को जल्द से जल्द बदलने की बात भी कही। जानिए कौन हैं ये विमान।


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Indian air force have too old chopers and aircrafts, need to replace: CAG

चीता हेलिकॉप्टर- इस हेलिकॉप्टर निर्माण फ्रांस ने किया था जिसका इस्तेमाल दुनिया के कई अन्य देश भी करते थे। फिलहाल भारतीय वायु सेना में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे 1986 में सेना में शामिल किया गया था। तब से लेकर अबतक यह निरंतर अपनी सेवाएं देता आया है लेकिन सीएजी ने इसके सेवा की अवधि को लेकर सवाल उठाया है।

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सीएजी ने शुक्रवार को सदन के सामने जो रिपोर्ट रखी उसके मुताबिक चीता हेलिकॉप्टर के बेड़े में मौजूद 181 हेलिकॉप्टरों में से 129 ऐसे हैं जो 30 साल से भी ज्यादा पुराने हैं जिसको बदलने की जरूरत है। रिपोर्ट के मुताबिक 2010 से लेकर अबतक 30 मिलिटरी हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुए जिनमें 50 लोगों की जान जा चुकी है।

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चेतक हेलिकॉप्टर- सीएजी की इस सूची में चेतक हेलिकॉप्टर का भी नाम शामिल है। इस मल्टिरोल हेलिकॉप्टर पिछले 40 सालों से भारतीय वायु सेना को अपनी सेवा दे रहा है।

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जगुआर बॉम्बर- यह एक एंग्लो-फ्रेंच लड़ाकू विमान है जिसने पहली बार 1968 में उड़ान भरा था। उसके बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड ने लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत इसका निर्माण भारत में ही शुरू कर दिया। 1981 में इसका पहला किट भारत आया था जिसको यहीं पर असेम्बल किया गया।

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