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चेहरे की कालिख छूटी तो यूं नजर आए सुधींद्र कुलकर्णी, तस्वीरें
Tue, 13 Oct 2015 02:21 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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Updated Tue, 13 Oct 2015 02:21 PM IST
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कल जब हर ओर ये खबर चलने लगी कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने सुधींद्र कुलकर्णी नाम के शख्स के चेहरे पर स्याही पोत दी तो हर कोई आश्चर्यचकित रह गया। हर ओर इसकी निंदा होने लगी। आईए आपको बताते हैं कि कौन हैं सुधीद्र कुलकर्णी!
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कभी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य रहे सुधींद्र 1996 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। अपने इस विचारधारा के उलटफेर पर उन्होंने कहा था कि 'मेरे जैसे लोग एक भ्रामक देश में रह रहे हैं। मैंने अपने जीवन में यह बहुत देरी से महसूस किया कि भारत में मार्क्सवादी विचारधारा उपयुक्त नहीं है। वास्तव में, यह दुनिया के किसी भी कोने में उपयुक्त नहीं है।'
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सुधींद्र जब भाजपा में आए तो वे इंडिया शाइनिंग कैंपेन से जुड़ गए, और दिल्ली लाहौर बस सेवा को शुरु करने में भी बेहतर काम किया। वो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का भाषण लिखने में भी मदद किया करते थे।
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2008 में वो भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी के 'रणनीतिकार' बने लेकिन 2009 के सामान्य चुनावों में भाजपा की हार ने पार्टी में उनकी भूमिका खत्म कर दी। 2009 का चुनाव भाजपा ने आडवाणी के नेतृत्व में लड़ा था।
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आडवाणी का 'रणनीतिकार' बनने के बाद सुधींद्र का पार्टी में कद बढ़ा लेकिन चुनावी हार के बाद राष्ट्रीय स्वयं का मोह उनके लिए भंग हो गया वो भी खासतौर से उन मुद्दों पर जहां पार्टी के तमाम कामों से जुड़े मुद्दों पर वो निर्णय लेते थे। इस हार के बाद उन्होंने पार्टी से 2009 में इस्तीफा भी दे दिया। सुधींद्र पत्रकार भी थे।
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