"कानून की परवाह किए बगैर भीड़ की खुद की सजा देने की मानसिकता की पूरी जवाबदेही मोदी की सरकार की है।" मोदी सरकार की आलोचना में ये तीखी टिप्पणी अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने की है। पटियाला हाउस कोर्ट में दिखी सजा देने की मानसिकता से ग्रस्त उन्मादी भीड़ या Lynch mob mentality ने देश के आम आदमी को झकझोर दिया है।
मोदीराज में भीड़ ही बनने लगी है जज, 5 मामले
मोदीराज में भीड़ ही बनने लगी है जज, 5 मामले
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मोदीराज में भीड़ ही बनने लगी है जज, 5 मामले
न्यूयॉर्क टाइम्स से पहले फ्रांसीसी समाचार पत्र 'ला मोंडे' और ब्रिटिश समाचार पत्र 'द गार्जियन' भी भारत में मानवाधिकारों का मुद्दा उठा चुके हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू स्तर पर हो रही आलोचना के बाद भी पटियाला हाउस कोर्ट में गुंडागर्दी करने वाले वकीलों पर कार्रवाई नहीं हुई। मोदी सरकार के कार्यकाल में भीड़ के उन्माद का ये पहला मामला नहीं है। हिंदुत्व की आड़ में कई समूहों पर खुद ही जज बनने और काननू व्यवस्था को अपने हाथ में लेने का आरोप पहले भी लग चुका है। पढ़िए ऐसे ही चंद मामले-
मोदीराज में भीड़ ही बनने लगी है जज, 5 मामले
दिल्ली के नजदीक बिसाड़ा में हिंदू लड़कों की एक भीड़ ने फ्रिज में गोमांस रखने के आरोप में 50 वर्षीय मोहम्मद अखलाक को पीट-पीटकर मारा डाला था। 28 सितंबर, 2015 की रात हुई वारदात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी थी। भीड़ को इकट्ठा करने के लिए दो लड़कों ने मंदिर के माइक का इस्तेमाल किया। उन्होंने घोषणा की कि अखलाक ने बकरीद के दिन गोहत्या की और उसका मांस ने खाया।
मोदीराज में भीड़ ही बनने लगी है जज, 5 मामले
बाद में पुलिस ने अपनी जांच में कहा कि उसी घोषणा के बाद भीड़ इकट्ठा हुई और उसने अखलाक को लात-घूंसों और इंट से पीटा। अखलाक के बेटे दानिश को भी भीड़ ने पीटा था। अक्टूबर में परिवार ने बिसाड़ा गावं छोड़ दिया और वायुसेना के दिए आवास में चले गए। बिसाड़ा के बाद देश में कई ऐसे वाकए हुए है, जिनमें गोमांश रखने या गोतस्करी के आरोपों पर भीड़ खुद ही जज बन गई और लोगों को पीट दिया।
मोदीराज में भीड़ ही बनने लगी है जज, 5 मामले
पटियाला में वकीलों की गुंडागर्दी की खबर ठंडी भी नहीं हुई थी कि महाराष्ट्र में भगवा झंडा न फहराने आरोप में कथित हिंदुत्ववादी भीड़ ने एक पुलिस वाले को बुरी तरह पीट दिया। लातूर जिले के पानगांव में 21 फरवरी को एएसआई शेख यूनुस पहामिया को भीड़ ने घेर लिया और उन्हें डंडों से पीटा। यूनुस शेख के मुताबिक, भीड़ में शामिल लोग उन्हें भगवा झंडा फहराने, परेड करने और नाचने के लिए कह रहे थे।