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राहत के सुरों से सजी सतरंगी शाम, फिल्मी हस्तियां भी पहुंचीं
Tue, 05 Jan 2016 05:15 AM IST
Updated Tue, 05 Jan 2016 05:15 AM IST
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‘यूपी प्रवासी दिवस’ के कार्यक्रम के पहले दिन की शाम पाकिस्तानी सूफी गायक राहत फतेह अली खान से सुरों से सजी। होटल आईटीसी मुगल में कार्यक्रम के लिए विशेष पंडाल बनाया गया। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पंडाल में पहुंच गए थे। सांसद डिंपल यादव करीब आधे बाद अपनी बेटी के साथ पहुंची। (अमर उजाला ब्यूरो/आगरा)
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रात करीब 8:30 बजे राहत फतेह अली की टीम ने स्टेज संभाली और फिर शुरू हुआ सुरों का ऐसा सिलसिला जो देर तक चलता रहा। राहत फतेह फली खान ने अपनी गायकी की शुरूआत ‘तू न जाने तेरे आसपास है खुदा....’ से की।
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पहली पंक्तियों पर ही पूरा पंडाल तालियों की आवाज से गूंज उठा। इसके बाद उन्होंने ‘कैसा ये इश्क है....’ गाया। इसके बाद उन्होंने सूफी गीत गाया। राहत अली खान ने देर रात तक एक से बढ़कर एक प्रस्तुत दी।
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पाकिस्तान के मशहूर गायक राहत फतेह अली खान ने पठानकोट में हुए आतंकी घटना की मजम्मत की। उन्होंने कहा कि ऐसे नहीं होना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच शांति बहाली कोशिशों को उन्होंने सकारात्मक पहल करार दिया। राहत ने कहा कि भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को पूरा सम्मान मिलता है। मेरे पार देने के लिए सुर हैं और आज के कार्यक्रम में सुर उड़ेल दूंगा।
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मेहमानों के लिए रात्रि भोज के लिए अलग से विशेष पांडाल बनाया गया था। इसमें आगरा, लखनऊ के व्यंजन विशेष रूप से परोसे गए। आगरा के साथ अवध के व्यंजन परोसे गए। आगरा का स्वाद स्टाल पर आगरा के नाश्ते की मशहूर बेढ़ई, जलेबी परोसी गई। पराठा, मालपुआ और रबड़ी भी थी। पेशावरी और शान-ए-अवध के स्टाल भी लगे थे।
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