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नेपाल में मोदी-नवाज की गुपचुप मुलाकात पर उठ रहे हैं सवाल

Fri, 04 Dec 2015 10:56 AM IST
Updated Fri, 04 Dec 2015 10:56 AM IST
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नेपाल में मोदी-नवाज की गुपचुप मुलाकात पर उठ रहे हैं सवाल

meetings of narendra modi and nawaz sharif

क्या पिछले साल नेपाल की राजधानी काठमांडु में प्रधानमंत्री नरंद्र मोदी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की गोपनीय बैठक हुई थे? दरअसल ये सवाल इन दिनों भारतीय मीडिया में भी पूछा जा रहा है, ब‌ल्‍कि पाकिस्तानी मी‌डिया भी इसी सवाल पर हलाकान है। नवाज शरीफ के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इमरान खान ने बुधवार को 15 ट्वीट किए और मुलाकात पर सवाल उठाया। हालांकि भारत सरकार ऐसी किसी भी मुलाकात को खार‌िज कर रही है। आइए, आपकों बताते हैं कि ये सवाल आखिर उठ क्यों रहा है।


नेपाल में मोदी-नवाज की गुपचुप मुलाकात पर उठ रहे हैं सवाल

meetings of narendra modi and nawaz sharif

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले वर्ष नवंबर में सार्क सम्‍मेलन में शामिल होने नेपाल गए थे। पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी वहीं थे। आपको उद्घाटन समारोह का वो दृश्य याद होगा जब एक ही मंच पर होने के बाद भी मोदी और नवाज शरीफ ने एक दूसरे से भेंट नहीं की थी। नवाज ने अपना भाषण खत्म किया था, मंच बैठे मेहमानों के पीछे से गुजरे थे। जब वे मोदी के करीब पहुंचे तो वे कुछ पढ़ते नजर आए। दोंनो के रिश्ते उन दिनों क्या वाकई तल्‍ख थे? इस सवाल पर जानीमानी पत्रकार बरखा दत्त का कहना है-नहीं।

नेपाल में मोदी-नवाज की गुपचुप मुलाकात पर उठ रहे हैं सवाल

meetings of narendra modi and nawaz sharif

दरअसल बरखा दत्त ने अपनी आने वाली किताब में दावा किया है कि दोनों नेतओं की न केवल होटल में मुलाकात हुई ‌थी, बल्‍कि घंटे भर बातचीत भी की थी। बरखा का दावा है कि ये मुलाकात भारत के स्टील कारोबारी सज्जन जिंदल ने करवाई थी। सज्‍जन ‌‌जिंदल कांग्रेस के पूर्व सांसद नवीन जिंदल के भाई हैं। अब सवाल ये उठता है कि कांग्रेस नेता के एक भाई ने भाजपा के सबसे बड़े नेता की मुलाकात पाकिस्तान प्रधानमंत्री से क्यों करवाई।

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नेपाल में मोदी-नवाज की गुपचुप मुलाकात पर उठ रहे हैं सवाल

meetings of narendra modi and nawaz sharif

जवाब है स्‍टील। किताब के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्‍स ने दावा किया है कि भारत के स्‍टील कारोबारी दरअसल पाकिस्तान से अच्छे रिश्तों के पैराकार हैं। सरकार कंपनियां या निजी कारोबोरी, दोनों का ही मानना है कि पाकिस्तान से रिश्तें अच्छे हों तो स्टील कारोबार में फायदा होगा।

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नेपाल में मोदी-नवाज की गुपचुप मुलाकात पर उठ रहे हैं सवाल

meetings of narendra modi and nawaz sharif

उनका मानना है कि ऐसा होने पर वे अफगानिस्तान से लौह अयस्क पाकिस्तान के सड़क मार्ग से मंगवा सकते हैं, और फिर ये पश्चिमी और दक्षिण भारत के बंदरगाह तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।

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