तकरीबन पचास साल पहले तक ये शिकारी थे, ये जानवरों का नहीं बल्कि इंसानों का शिकार करते। उन्हें धड़ से अलग कर सिर अपने पास रख लेते, बतौर यादगार। उन खोपाड़ियों ये अपना इनाम मानते थे। अंग्रेजी जुबान में ऐसी जनजातियों को हेड हंटर्स (head-hunters) कहा जाता है। पूर्वोत्तर भारत में म्यांमार की सीमा पर बहुत ही दुर्गम इलाके में एक ऐसी ही जनजाति रहती है, हालांकि इन दिनों उस जनजाति के अधिकांश सदस्यों को अफीम की लत लग गई है।
शो-केस में खोपड़ियां और अफीम में डूबा गांव, दंग करती कहानी
Updated Sat, 05 Dec 2015 10:56 AM IST
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शो-केस में खोपड़ियां और अफीम में डूबा गांव, दंग करती कहानी
शो-केस में खोपड़ियां और अफीम में डूबा गांव, दंग करती कहानी
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