मानसून की पहली ही बारिश ने नाहरगढ़ किले की वादियों को हरा-भरा कर दिया है। बरसात की फुहारों से नहाई पहाड़ियां, धुले-पुंछे पेड़-पौधे, और कोहरे की चादर में लिपटे घाटियां इन दृश्यों ने नाहरगढ़ को प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग बना दिया है। गत सप्ताह भर में हुई रुक-रुक कर वर्षा के बाद हजारों की संख्या में पर्यटक नाहरगढ़ का रुख कर रहे हैं। खासकर रविवार, 29 जून को 6,103 सैलानी पहुंचे, जो इस मानसून सीजन का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा।
Rajasthan: पर्यटकों को आकर्षित कर रहा नाहरगढ़ का मानसूनी सौंदर्य, रिकॉर्ड तोड़ पर्यटकों से गुलजार हुआ किला
Rajasthan: पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ट्रैफिक कंट्रोल के इंतजाम किए गए हैं और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि पर्यटकों को कोई परेशानी न हो।
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हरियाली का स्वर्ग बना नाहरगढ़
जयपुर का यह ऐतिहासिक किला हर मौसम में पर्यटकों की पसंद रहा है, लेकिन मानसून में इसकी सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। पहाड़ियों से बहती जलधाराएं, हरियाली से ढके घाट और ताजगी से भरपूर मौसम लोगों को खींच लाता है। बरसात के कारण पर्यटक संख्या में जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है।
स्थानीय व्यापार में आई रौनक
पर्यटकों की आमद ने स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है। चाय-नाश्ते के स्टॉल, टैक्सी चालक, गाइड्स और होटल-लॉज के मालिकों को अच्छा खासा फायदा मिल रहा है। ट्रैवल एजेंसियों को भी इस सीजन में जबरदस्त बुकिंग मिल रही है।
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प्रशासन की ओर से मुकम्मल इंतजाम
पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, ट्रैफिक कंट्रोल के इंतजाम किए गए हैं और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि पर्यटकों को कोई परेशानी न हो।
सावधानी बरतना जरूरी
बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर फिसलन की आशंका बनी रहती है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे स्लिप-प्रूफ फुटवियर पहनें, सुरक्षित मार्गों पर ही चलें और चेतावनी वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करें।
पर्यटन से आर्थिक विकास
यह बढ़ती पर्यटन गतिविधि न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। नाहरगढ़ किला विगत वित्तीय वर्ष में सवा पांच करोड़ रुपये का राजस्व प्रदेश सरकार को दे चुका है। पीक सीजन में यहाँ औसतन 10 हजार पर्यटक प्रतिदिन पहुंचते हैं।
बरसात और पर्यटकों का सीधा संबंध
नाहरगढ़ किले के पर्यवेक्षक मनीष माथुर के अनुसार, जैसे ही बरसात होती है, पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज होती है। 29 मई से लेकर 3 जून तक का डेटा इस बात को प्रमाणित करता है।
खूबसूरत दृश्य और फुर्सत के पल
जयपुर शहर की ओर खुलते नाहरगढ़ किले के व्यू पॉइंट से मानसूनी शहर का दृश्य किसी पोस्टकार्ड से कम नहीं लगता,इसको अपने कैमरा में कैद कर आम जन को इस प्राकृतिक सोंदर्य का लाभ दिया डॉ. कमलेश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक, जनसंपर्क, पुलिस मुख्यालय, जो अपने फुर्सत के पल बिताने, फोटोग्राफी करने और प्रकृति से साक्षात्कार के लिए लालायित रहते है।