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Women Boxers: इन भारतीय महिला मुक्केबाजों ने दिखाया पंच का दम, वैश्विक स्तर पर देश का नाम किया रोशन

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 14 Jan 2025 11:16 AM IST
सार

भारतीय महिला मुक्केबाजों की कहानियां प्रेरणा से भरपूर हैं।  इन्होंने अपने संघर्ष और दृढ़ निश्चय के बल पर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व महसूस कराया है।

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Indian Women Boxers Inspiring Story female athletes Mary Kom, Nikhat Zareen and Lovlina Borgohain
मैरी कॉम - फोटो : PTI

Indian Women Boxers: भारत की महिला मुक्केबाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है और कई प्रतिष्ठित पदक जीते हैं। इन मुक्केबाजों ने न केवल भारत का मान बढ़ाया है बल्कि देश की युवा लड़कियों को खेल की दुनिया में आने के लिए प्रेरित भी किया है। इन भारतीय महिला मुक्केबाजों की कहानियां प्रेरणा से भरपूर हैं।  इन्होंने अपने संघर्ष और दृढ़ निश्चय के बल पर भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गर्व महसूस कराया है। ये सभी युवा लड़कियों और महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं कि कैसे मेहनत और आत्मविश्वास से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। आइए, प्रमुख भारतीय महिला मुक्केबाजों और उनकी उपलब्धियों पर एक नज़र डालते हैं।

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Indian Women Boxers Inspiring Story female athletes Mary Kom, Nikhat Zareen and Lovlina Borgohain
मैरी कॉम - फोटो : PTI

मैरी कॉम

मैरी कॉम का जन्म एक मार्च 1983 को मणिपुर में हुआ था। मैरी कॉम अकेली ऐसी महिला बॉक्सर हैं जिन्होंने वर्ल्ड एमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 6 बार स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा लंदन ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक जीता। उन्हें राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। मैरी कॉम एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर हैं। मैरी कॉम ने बेहद साधारण परिवार से उठकर बॉक्सिंग में अपना नाम बनाया। शुरुआत में आर्थिक समस्याओं और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने दृढ़ निश्चय से उन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया।  

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Indian Women Boxers Inspiring Story female athletes Mary Kom, Nikhat Zareen and Lovlina Borgohain
निकहत जरीन - फोटो : PTI

निकहत जरीन

तेलंगाना के निजामाबाद में 14 जून 1996 को निकहत जरीन का जन्म हुआ था। निकहत जरीन ने समाज की कई रूढ़ियों को तोड़ते हुए बॉक्सिंग में अपनी पहचान बनाई। पुरुष प्रधान खेल में उन्होंने खुद को साबित किया और भारतीय महिला बॉक्सिंग में एक मुकाम हासिल किया। निकहत ने साल 2011 में AIBA युवा विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। बाद में कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड  2022 में  50 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। महिला वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लगातार दो साल स्वर्ण पदक जीता।

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लवलीना बोरगोहेन - फोटो : @India_AllSports

लवलीना बोरगोहेन

लवलीना बोरगोहेन असम के छोटे से गांव से ताल्लुक रखती हैं। अपने गांव में सुविधाओं की कमी के बावजूद, उन्होंने कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर ओलंपिक पदक जीता और देश का गौरव बढ़ाया। साल 2020 में टोक्यो ओलंपिक में लवलीना ने 69 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। एशियन चैंपियनशिप 2021 में स्वर्ण पदक हासिल किया। 2018 और 2019 में लगातार दो बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।

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