सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

Gangaur Vrat 2026: गणगौर आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, नियम और महत्व

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shweta Singh Updated Sat, 21 Mar 2026 11:24 AM IST
सार

Gangaur Vrat: गणगौर का व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। इस दिन भगवान शिव  और पार्वती जी की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में।

विज्ञापन
Gangaur Vrat Ausicious Puja Muhurat Vidhi Niyam and Importance in hindi
गणगौर व्रत 2026 - फोटो : amar ujala

Gangaur Vrat Puja Vidhi 2026: गणगौर पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। कल यानि 21 मार्च की तड़के 02:31 मिनट पर तृतीया तिथि आरंभ होगी और  रात्रि 11 :57 पर समाप्त होगी। पंचांग के आधार पर गणगौर व्रत 21 मार्च को किया जाएगा। गणगौर का व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। इस दिन भगवान शिव  और पार्वती जी की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में। 


 

Trending Videos
Gangaur Vrat Ausicious Puja Muhurat Vidhi Niyam and Importance in hindi
गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला

गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त 
पंचांग के अनुसार आज रवि योग बन रहा है। पूजा के  शुभ मुहूर्त की बात करें तो  ब्रह्म मुहूर्त का समय या प्रातःकाल का समय शुभ है। 
पहला मुहूर्त : प्रातः 04 :49 से प्रातः 05:36 तक 
दूसरा मुहूर्त:  प्रातः 07:55 से प्रातः 09:26 तक 

विज्ञापन
विज्ञापन
Gangaur Vrat Ausicious Puja Muhurat Vidhi Niyam and Importance in hindi
गणगौर पूजा विधि - फोटो : अमर उजाला

गणगौर पूजा विधि 

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • इसके बाद पूजाघर को साफ करके लकड़ी की चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। 
  • मिट्टी या लकड़ी से बनी ईसर यानी भगवान शिव और गौरी यानी देवी पार्वती की मूर्तियां  स्थापित करें।
  • एक कलश  में गंगाजल भरें और उसके ऊपर  गेहूँ के ज्वारे रखें।
  • माता रानी को मेहंदी, कुमकुम, चूड़ियां, मंगलसूत्र और नए वस्त्र अर्पित करें।
  • षोडशोपचार पूजा करें, जिसमें जल, अक्षत , फूल, धूप, दीपक, नैवेद्य  और फल जैसी वस्तुएं अर्पित करें।
  • अंत में, आरती करें, प्रसाद वितरित करें और अपना व्रत संपन्न करें।
Gangaur Vrat Ausicious Puja Muhurat Vidhi Niyam and Importance in hindi
गणगौर पूजा मंत्र - फोटो : adobe stock

गणगौर पूजा मंत्र 

  • ॐ ह्रीं गौरीपतये स्वाहा 
  • कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि । नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः ॥ 

 

विज्ञापन
Gangaur Vrat Ausicious Puja Muhurat Vidhi Niyam and Importance in hindi
गणगौर पूजा सामग्री - फोटो : adobe stock
गणगौर पूजा सामग्री
  • ईसर-गौरी की मूर्तियां
  • चौकी 
  • कलश 
  • तांबे का लोटा 
  • गंगाजल 
  • हल्दी 
  • कुमकुम 
  • रोली 
  • अक्षत 
  • फूल 
  • फूलमाला 
  • दूब घास 
  • सिंदूर 
  • मेहंदी 
  • काजल 
  • चूड़ी 
  • मंगलसूत्र 
  • दीपक 
  • घी 
  • कपूर 
  • अगरबत्ती 
  • नैवेद्य – हलवा, पूड़ी, मिठाई, फल (केला, नारियल, सेब) 
  • पान के पत्ते 
  • सुपारी 
  • लौंग-इलायची 
  • गेहूं का ज्वारा  
  • गुड़ 
  • गेहूं का आटा 
  • चंदन 
  • रंग-बिरंगे कपड़े 
  • मौली या कलावा 
  • नारियल 
  • सिक्के 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed