धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:40 PM IST
सार
Jitiya Vrat 2026: संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना के लिए माताएं जितिया का निर्जला व्रत रखती हैं। इस साल जितिया व्रत कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का सही समय क्या है, जानिए पूरी जानकारी।
विज्ञापन
1 of 7
जितिया व्रत 2026
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
Jitiya 2026: हिंदू धर्म में जितिया व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। इसे जितिया और जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना से रखती हैं। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक किया जाता है। जितिया व्रत बेहद कठिन माना जाता है, क्योंकि इस दौरान माताएं निर्जला उपवास करती हैं। यानी व्रत के दौरान अन्न के साथ-साथ जल का भी सेवन नहीं किया जाता। प्रदोष काल में भगवान जीमूतवाहन की पूजा-अर्चना करने की परंपरा है।
2 of 7
jitiya vrat
- फोटो : freepik
कब रखा जाएगा जितिया व्रत?
वैदिक पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 3 अक्तूबर की सुबह 7:59 बजे शुरू होगी और 4 अक्तूबर की सुबह 5:51 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में पूजा की परंपरा और अष्टमी तिथि की स्थिति को देखते हुए जितिया व्रत 3 अक्तूबर 2026, शनिवार को रखा जाएगा।
3 of 7
jitiya vrat
- फोटो : freepik
जितिया 2026 पूजा का शुभ समय
जितिया के दिन कई महत्वपूर्ण मुहूर्त रहेंगे। स्नान और धार्मिक कार्यों के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:38 बजे से 5:26 बजे तक रहेगा। वहीं, दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक रहेगा। जितिया की मुख्य पूजा प्रदोष काल में की जाती है। 3 अक्तूबर को सूर्यास्त करीब शाम 6:05 बजे होगा। ऐसे में प्रदोष पूजा की शुरुआत शाम 6:05 बजे के बाद की जा सकती है। इसके अलावा निशिता मुहूर्त रात 11:46 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
जितिया पर बन रहा है वरीयान योग
- फोटो : mathura
जितिया पर बन रहा है वरीयान योग
2026 में जितिया व्रत के दिन वरीयान योग और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार वरीयान योग सुबह से लेकर दोपहर 3:21 बजे तक रहेगा। इसके बाद परिघ योग शुरू होगा। वहीं, आर्द्रा नक्षत्र पूरे दिन प्रभावी रहेगा और यह मध्य रात्रि 1:29 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में वरीयान योग को शुभ माना गया है। इसके स्वामी धन के देवता कुबेर माने जाते हैं।
विज्ञापन
5 of 7
जितिया व्रत का पारण कब होगा?
जितिया व्रत का पारण कब होगा?
जितिया व्रत निर्जला होता है और इसे सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय तक रखने की परंपरा है। 2026 में यह व्रत 3 अक्तूबर को सुबह 6:15 बजे से शुरू माना जाएगा। अगले दिन यानी 4 अक्तूबर को सुबह 6:15 बजे तक व्रत रहेगा। इसके बाद माताएं व्रत का पारण कर सकती हैं। जितिया व्रत का पारण 4 अक्तूबर 2026 को सुबह 6:15 बजे के बाद किया जाएगा।
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।