Phulera Dooj Pujan Samagri: हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास को बेहद पवित्र और उत्सवों से भरा माना गया है। इसी महीने में रंगों का त्योहार होली मनाया जाता है, जिसकी तैयारियां पहले ही शुरू हो जाती हैं। होली से पूर्व शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पर्व आता है। वर्ष 2026 में यह शुभ दिन 19 फरवरी, गुरुवार को पड़ेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह तिथि अत्यंत मंगलकारी होती है और इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं मानी जाती।
Phulera Dooj 2026: फुलेरा दूज आज, जानें पूजा सामग्री और मंत्र की पूरी जानकारी
Mantras For Phulera Dooj: फुलेरा दूज 19 फरवरी 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है और बिना पंचांग देखे मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। राधा-कृष्ण के प्रेम उत्सव के रूप में इस पर्व से ब्रज में होली की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन फूलों की होली खेलने और विशेष पूजा का विधान है।
फुलेरा दूज की पूजन सामग्री लिस्ट
- राधा-कृष्ण की मूर्ति या चित्र
- ताजे फूल जैसे गुलाब, गेंदा और सफेद फूल
- श्रृंगार की सामग्री जैसे- राधा रानी की चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर और अन्य सांग्री
- गुलाल
- भोग के लिए माखन-मिश्री और मौसमी फल
- घी का दीपक
- अगरबत्ती
- कपूर
- गंगाजल
- चंदन
- अक्षत
फुलेरा दूज की पूजा विधि
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त या जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। इस दिन आप अपनी पसंद का कोई भी शुभ रंग धारण कर सकते हैं।
- पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें और व्रत रखने का संकल्प लें।
- भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की मूर्ति या चित्र को गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराएं।
- श्रीकृष्ण को पीले वस्त्र पहनाएं और राधा रानी को सुंदर चुनरी या लहंगा अर्पित करें। कृष्ण जी के मुकुट में मोरपंख अवश्य सजाएं।
- इस दिन भगवान को पुष्प अर्पित करें, क्योंकि फुलेरा दूज पर फूलों से होली खेलने की परंपरा है।
- घी का दीपक जलाकर भगवान को चंदन का तिलक लगाएं।
- ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करते हुए धूप और अगरबत्ती अर्पित करें।
- अंत में कान्हा जी को माखन-मिश्री का भोग लगाएं और साथ में सात्विक भोजन या मिठाई अर्पित करें।
फुलेरा दूज पर किन मंत्रों का करें जाप?
‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’
यह मंत्र भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है। सफलता, मानसिक शांति और जीवन में नए अवसरों के लिए इस मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है। नियमित और श्रद्धापूर्वक जप करने से बाधाएं कम होती हैं और मार्ग प्रशस्त होते हैं।
‘ॐ रां राधायै नमः’
यह मंत्र राधा रानी की कृपा प्राप्त करने के लिए जपा जाता है। प्रेम, दांपत्य सुख और वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए इसका विशेष महत्व है। अविवाहित लोग योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु इसका जाप कर सकते हैं।
राधा-कृष्ण महामंत्र
‘हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।’
यह महामंत्र जीवन की रुकावटों, तनाव और नकारात्मकता को दूर करने वाला माना जाता है। फुलेरा दूज पर इसका जप करने से मन शांत होता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है।
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